किसी के पास फेस शील्ड तो कोई पीपीई किट पहनकर ही एयरपोर्ट से निकला। आईजीआई के टी-3 टैक्सी स्टैंड पर पहुंच रहे हवाई यात्रियों को देख ऐसा लग रहा था कि कोरोना से आधी जंग जीत चुके हैं तो आधी लड़ने को तैयार हैं। लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे यात्री जब एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें जल्दी थी तो अपनों से मिलने की। उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
एयर इंडिया की फ्लाइट जम्मू से टी-3 टर्मिनल पर पहुंची तो बाहर टैक्सी और बसें पहले से ही मौजूद थीं। जम्मू से दिल्ली पहुंचे प्रवेश ने बताया कि उन्हें लखनऊ जाना है, लेकिन सीधी फ्लाइट न मिलने की वजह से रात को रुकना पड़ेगा। कटरा हैलीपैड पर काम करने वाले प्रवेश ने बताया कि दो महीने के दौरान जिंदगी की कई हकीकतों से रूबरू होने का मौका मिला, परेशानी भी हुई, लेकिन संतोष है कि अपने परिवार के पास पहुंच जाएंगे।
नोएडा की कंपनी में कार्यरत प्रोफेशनल जयपाल ने बताया कि ऑफिस के काम से गए, लेकिन लॉकडाउन के दौरान फंसे रह गए। विमानों का संचालन शुरू हुआ तो घर का रुख किया। कई ऐसे भी यात्री थे जिन्हें रिसीव करने उनके परिजन पहुंचे थे जो एक दूसरे का अभिनंदन दूर से करते नजर आए। पीपीई किट पहने एयरपोर्ट से निकले दो ने बताया उनका काम ऐसा है कि पीपीई किट पहनना जरूरी था, इसलिए विमान में सफर के दौरान भी पीपीई किट पहन रखा था।