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Delhi Smog: एनजीटी ने दिल्ली को लगाई कड़ी फटकार तो केजरीवाल ने ठहराया दूसरों को जिम्मेदार

Thu, 09 Nov 2017 02:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-एनसीआर में फैले प्रदूषण को लेकर एनजीटी में चल रही बहस के दौरान ट्रिब्यूनल ने दिल्ली सरकार समेत तमाम पक्षों को कड़ी फटकार लगाते हुए बड़ा आदेश जारी किया है। एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया है।
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हालांकि इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि निर्माण कार्य तो बंद होंगे ‌लेकिन उन साइटों पर काम कर रहे मजदूरों को उनकी मजदूरी मिलती रहेगी। उनकी मजदूरी नहीं रोकी जाएगी।

इसके साथ ही ट्रिब्यूनल ने दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर आपने अब तक हेलिकॉप्टर से पानी का छिड़काव क्यों नहीं किया। एनजीटी ने पूछा कि आपने अब तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया। अब जब स्थिति इतनी खराब हो गई है तो आप कदम उठा रहे हैं।
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इसके साथ ही एनजीटी ने दिल्ली के पड़ोसी राज्यों यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान को भी फटकार लगाई और इस मुद्दे को लेकर उनकी गंभीरता पर भी प्रश्न उठाए। ट्रिब्यूनल बोली हर वै‌धानिक संस्था व प्राधिकरण अपनी ड्यूटी निभाने में नाकाम रहे हैं। अगर प्रदूषण की बात है तो इसमें सभी पक्षों की जिम्मेवारी साझा होती है।

एनजीटी ने ये भी कहा कि संविधान के आर्टिकल 21 और 48 के अनुसार यह सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वो पक्का करे कि लोगों को साफ और सुरक्षित पर्यावरण मिले। अगर लोगों को साफ पर्यावरण उपलब्ध नहीं कराया जा सकता तो उनसे जीवन जीने का अधिकार भी छीना जा रहा है।

एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों की एंट्री पर भी रोक लगाने की बात कही। ट्रिब्यूनल ने ये भी कहा कि, 'उन ट्रकों को भी बैन कीजिए जो दिल्ली-एनसीआर में निर्माणकार्य की सामग्री लेकर प्रवेश कर रहे हों।' NGT's observations: Articles 21 & 48 of the Constitution mandate that it is the responsibility of governments to make sure that citizens get a clean and conducive environment. Right to life is being snatched from people since they're not getting a clean environment #AirPollution — ANI (@ANI) November 9, 2017
NGT said, CPCB's report has shown the extent of danger lurking in the air in Delhi NCR. Yesterday PM 10 levels, supposed to be 100, had touched 986, while the PM 2.5 levels, supposed to be 60, had reached 420. This has been the situation since the past week — ANI (@ANI) November 9, 2017
#AirPollution matter: NGT has asked Delhi Government on the steps taken to curtail pollution, the number of challans issued to violators and the number of construction sites where work has been stopped. NGT asked, why rain isn't artificially being triggered using helicopters — ANI (@ANI) November 9, 2017
All the concerned states' pollution control boards to monitor all parameters, directs National Green Tribunal #AirPollution — ANI (@ANI) November 9, 2017



 

अगर सब साथ आएं तो दूर होगा प्रदूषण- केजरीवाल

केजरीवाल - फोटो : ani
एनजीटी और दिल्ली हाईकोर्ट से ‌राजधानी की जहरीली हवा को लेकर मिली फटकार के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को एक आयोजन के दौरान कहा कि करीब एक महीने (मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर तक) के लिए ना सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरा उत्तर भारत गैस चेंबर में तब्दील हो जाता है।

केजरीवाल ने आगे कहा कि दिल्ली में पीएम लेवल (प्रदूषण के स्तर) सिर्फ स्थानीय कारणों की वजह से नहीं है। दिल्ली की जनता और सरकार हर वो कदम उठाने को तैयार है जिससे प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। लेकिन ये प्रयास तब तक सफल नहीं होंगे जब तक फसलों का जलना बंद ना हो।

केजरीवाल ने ये भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ऑड-ईवन पर आज या कल तक फैसला ले लिया जाएगा। अगर सभी, केंद्र सरकार, यूपी, पंजाब और हरियाणा सरकारों को राजनीति को किनारे कर इस समस्या के समाधान के लिए साथ आएं तो इसका हल निकाला जा सकता है। If everyone, central govt, UP, Punjab & Haryana govt, come together & put aside politics a solution can be found: Delhi CM Arvind Kejriwal #AirPollution #smog pic.twitter.com/5reHB7fJoM — ANI (@ANI) November 9, 2017

 

कराएं कृत्र‌िम बार‌िश- द‌िल्ली हाईकोर्ट

- फोटो : अमर उजाला
एक ओर जहां एनजीटी ने बेहद तल्ख रवैये में दिल्ली सरकार व पड़ोसी राज्यों को बढ़ते प्रदूषण को लेकर लताड़ लगाई तो दिल्ली हाईकोर्ट ने भी पर्यावरण मंत्रालय व एनसीआर के प्रमुख ‌सचिवों की आपात बैठक बुलाने का निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, वन एवं पर्यावरण परिवर्तन सचिव और एनसीआर राज्यों के प्रमुख सचिवों की आपात बैठक बुलाई जाए और तीन दिन के अंदर प्रदूषण नियंत्रण को लेकर हर संभव कदम उठाया जाए।

‌इसके साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट ने कृत्रिम बारिश कराने का भी आदेश दिया गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि उन्होंने पाया है कि पिछले साल ऑड-ईवन स्कीम ने दिल्ली को प्रदूषण से राहत दी थी तो इस बार भी अल्पकालिक राहत के तौर पर ऑड-ईवन स्कीम लागू की जाए।

साथ ही साथ हाईकोर्ट ने बड़ा सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर प्रदूषण नियंत्रण के लिए राजधानी में पार्किंग फीस चार गुना क्यों की गई है।

41 ट्रेनें लेट और 10 कैंस‌िल

- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग का कहर आज भी जारी है। जहरीली हवा से जहां लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है, वहीं दिल्ली आने वाली 41 ट्रेनें लेट हैं और 10 ट्रेनें कैंसिल की गई हैं।

गौरतलब है कि इस वक्त दिल्ली के कई अलग-अलग इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद चिंताजनक है। एयर क्वालिटी इंडेक्स के अनुसार पंजाबी बाग (799) सबसे ऊपर है, उसके बाद आनंद विहार (515), शादीपुर डिपो (362) और द्वारका (388) है।

प्रति मिनट 20 लीटर जहरीली हवा ले रहा इंसान
राजधानी की आबोहवा दूषित होने के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। साथ ही, बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली और एनसीआर को अगले तीन दिन तक बंद रखने की मांग भी की है।

आईएमए अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि घर में रहते हुए कोई भी इंसान प्रति मिनट 6 लीटर हवा अपने अंदर लेता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी इससे सहमत है। घर से बाहर निकलते ही शारीरिक गतिविधि बढ़ने से इंसान प्रति मिनट 20 लीटर हवा को श्वास के जरिये ग्रहण करने लगता है।

सांस के रोगियों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत इजाफा

- फोटो : अमर उजाला
एशियन अस्पताल के श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत गोयल ने अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली-एनसीआर को बंद करने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पिछले छह दिन में सांस के रोगियों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

स्मॉग, कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मौजूदगी के कारण सांस से संबंधित समस्याओं में इजाफा हो रहा है, जो आम बात नहीं है। सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाना होगा।

इन उपायों का दिया सुझाव
आईएमए ने लोगों से प्रदूषण कम करने के उपाय अपनाने की अपील की है। इसके तहत, आसपास के बाजार आने-जाने के लिए साइकिल का प्रयोग, वाहन सीमित चलाना, लंबी यात्रा के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल, डीजल गाड़ियों को खरीदने से दूरी बनाने, घर में अगरबत्ती न जलाने, धूम्रपान छोड़ने, पौधरोपण करने, पार्टियों के लिए बाहर न निकलने, पर्यावरण को लेकर कानूनों का पालन करना शामिल हैं।

यूं कम कर सकते हैं प्रदूषण
डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए लोगों को भी आगे आना चाहिए, क्योंकि इसका जिम्मेदार समाज ही है। लोगों को अपने घरों में तुलसी और एलोवेरा के पौधे लगाने चाहिए। इससे प्रदूषण के कण निष्क्रिय हो जाते हैं। 

शरीर पर प्रदूषण का सीधा असर
फेफड़े : बारीक जहरीले कण हमारे फेफड़ों तक पहुंचते हैं तो उनके काम करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। 
रक्त : ये कण रक्त प्रवाह को प्रभावित कर रहे हैं। इससे थक्का जमने की शिकायत हो सकती है। 
मस्तिष्क : जहरीली हवा से स्ट्रोक जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। 
प्रजनन : इससे महिलाओं में गर्भपात, समय से पूर्व जन्म और भ्रूण के विकास संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

चार गुना बढ़ा पार्किंग शुल्क

- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली की बिगड़ी आबोहवा सुधारने के लिए उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल ने सख्त कदम उठाए हैं। सड़कों से निजी वाहनों की संख्या कम करने के लिए पार्किंग शुल्क चार गुना बढ़ा दिया गया है।

वहीं, दिल्लीवालों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए डीएमआरसी/डीटीसी पीक फ्रिक्वेंसी पर चलेंगी। दूसरी तरफ, सभी तरह की निर्माण गतिविधियां रोक दी गई हैं। आवश्यक वस्तुएं लाने वाले को छोड़कर सभी ट्रकों का प्रवेश भी बंद कर दिया गया है।

एलजी ने बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन, पर्यावरण विशेषज्ञों, दिल्ली सरकार, डीडीए, डीएमआरसी, एनडीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वायु प्रदूषण को संभालने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें तात्कालिक उपायों पर फैसला लिया गया।

एलजी ने मुख्यमंत्री, पर्यावरण मंत्री के साथ बैठक के बाद उठाए सख्त कदम

anil baijal - फोटो : PTI
एलजी ने बैठक के फैसलों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में दिल्ली के मौजूदा हालात के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार धूल के महीन कणों (पीएम 10 व पीएम 2.5) को ठहराया गया। इनमें भी सबसे ज्यादा दिक्कत पीएम 2.5 से बताई गई।

इस दौरान आईआईटी दिल्ली की उस रिपोर्ट का जिक्र हुआ, जिसमें कहा गया है कि जाड़े में करीब 36 फीसदी पीएम 2.5 वाहनों से होता है। ईपीसीए ने पहले ही पार्किंग शुल्क चार गुना बढ़ाने की सिफारिश की थी।

इसके आधार पर उपराज्यपाल ने फैसला लिया कि दिल्ली की सभी पार्किंग का शुल्क चार गुना बढ़ा दिया जाए। उपराज्यपाल ने तीनों नगर निगमों, डीडीए व डीएमआरसी को निर्देश दिया है कि वह पार्किंग चार्ज बढ़ा दें।

सभी एजेंसियां बृहस्पतिवार से इस आदेश को लागू करेंगी। दूसरी तरफ, निजी वाहनों की संख्या कम होने से सड़कों पर लोगों की बढ़ने वाली भीड़ से निपटने के लिए आदेश दिया गया है कि डीटीसी व डीएमआरसी फुल फ्रिक्वेंसी में अपने बेड़े को चलाएं।

बैठक के अहम फैसले

smog - फोटो : PTI
- दिल्ली में ट्रकों की आवाजाही (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) अगले आदेश तक बंद। यातायात पुलिस, परिवहन विभाग व दिल्ली नगर निगम को इसे लागू करना है। 
- शहर में सिविल निर्माण से जुड़ी सभी गतिविधियां अगले आदेश तक बंद रहेंगी। नगर निगम, डीपीसीसी व सभी एजेंसियां इस आदेश को लागू करेंगी। 
- एमसीडी व पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल रोड स्वीपिंग व पानी के छिड़काव में तेजी लाएंगे।
- नगर निगम होटल और भोजनालयों में फायरवुड और कोयले को जलाने पर रोक लगाएगा। 
- नगर निगम, डीपीसीसी और उद्योग विभाग पेटकॉक और फरनेस आयल सख्ती से रोकेंगे। 
- डीपीसीसी, एसडीएम, नगर निगम और उद्योग विभाग जेनरेटर पर रोक लगाएं। (इसमें डीपीसीसी द्वारा जारी किए गए कुछ जरूरी कार्य शामिल नहीं होंगे) 
- ट्रैफिक पुलिस सभी हाट स्पॉट पर प्रबंधन दुरुस्त करेगी। ट्रैफिक पुलिस की अधिकतम तैनाती। 
- नगर निगम, डीडीए और एसडीएम खुले में आग लगाने से रोकने के उपाय करेंगे।
- एमसीडी, डीपीसीसी व पीडब्ल्यूडी ऐसी सभी निर्माण एजेंसियों को दंडित करेंगे, जहां धूल नियंत्रण के उपाय अपर्याप्त हैं। 
- शिक्षा विभाग सभी अभिभावकों के लिए अपील जारी करेगा, ताकि बच्चों की बाहरी गतिविधियां को रोका जाए। 
- परिवहन विभाग ऑड-ईवन योजना की तैयारी शुरू करेगा।
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दिक्कत हो तो घर पर ही रहने की अपील

- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में बढ़े प्रदूषण पर बुधवार देर शाम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की। मंत्रालय ने दिल्लीवालों से अपील की है कि वे दिक्कत होने पर घरों में रहें।

मंत्रालय के मुताबिक, किसी को सांस लेने में दिक्कत होती है तो वह घर से बाहर कतई न निकले। कोशिश करें कि बच्चों को बाहर खेलने भी न जाने दें। सुबह की सैर और घर के बाहर व्यायाम को कुछ दिन के लिए टाल दें।

ज्यादा मात्रा में पानी और जूस का सेवन करें। धूम्रपान कतई न करें। डियो और रूम फ्रेशनर का उपयोग कम करें। धुंध भरे इलाकों से दूरी बनाएं और हृदय या श्वास संबंधी शिकायत है तो मेडिकल चेकअप कराते रहें।
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