इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के दरवाजे में साड़ी फंसने से रीना की मौत के मामले की जांच मंगलवार से शुरू हो गई। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त ने शास्त्री पार्क स्थित रेड लाइन मेट्रो डिपो में जाकर हादसे वाली ट्रेन का मुआयना किया।
साथ ही, घटना वाले दिन ट्रेन में सवार लोगों व मेट्रो के चालक से भी पूछताछ की गई। इसके बावजूद हैरानी की बात यह कि घटना के छह दिन बीतने के बाद भी मेट्रो प्रशासन यह बताने की हालत में नहीं है कि साड़ी फंसने के बाद भी ट्रेन क्यों नहीं रुकी। सभी संबंधित एजेंसियां सुरक्षा आयुक्त की रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं।
अधिकारियों का सिर्फ इतना कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। यह नहीं बताया जा रहा है कि जांच कब तक चलेगी या फिर खत्म होगी। इससे पहले सोमवार को दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त की तरफ से जांच रिपोर्ट की कॉपी सरकार को भेजने का कहा था। यह भी कहा था कि डीएमआरसी यह बताए कि वह घटना की जांच कब तक पूरा करेगी। वहीं, पुलिस भी मेट्रो की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
आपातकालीन अलार्म भी बजाया
बताया जा रहा है कि जिस बोगी के दरवाजे में महिला की साड़ी फंसी थी, उसमें सवार लोगों ने आपातकालीन अलार्म भी बजाया था। इसके बावजूद चालक ने तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, इसकी पुष्टि मेट्रो की ओर नहीं की गई है। डीएमआरसी अधिकारी अभी रिपोर्ट आने तक इंतजार करने की बात कह रहे हैं।
मां की याद में बिलख रहे बच्चे
अपनी की याद में दोनों बच्चे बिलख रहे हैं। अभी तक बच्चों के भविष्य को लिए डीएमआरसी ने कोई आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं की है। जबकि परिवहन मंत्री ने बच्चों की शिक्षा और देखभाल के लिए डीएमआरसी को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान के निर्देश दिए हैं। बेटे ने बताया कि मां प्लेटफार्म पर कई मीटर तक घिसटती रही।