पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के सिख नेताओं ने विरोध दर्ज कराया है। गुरुवार को सिख संगठन के कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान उच्चायोग पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दिल्ली को खालिस्तान बनाने की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई इस नापाक इरादे में जुटी है। 'जागो' पार्टी व अन्य सिख संगठनों ने आज पाकिस्तान दूतावास की ओर तीन मूर्ति चौक से कूच करना आरंभ किया। पर दिल्ली पुलिस ने धारा 144 लगी का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को थाना चाणक्यपुरी के बाहर बैरिकेड लगाकर रोक दिया। प्रदर्शन को उग्र होता देख दिल्ली पुलिस ने सिख नेताओं को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
इस मौके पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व जागो पार्टी के प्रमुख मनजीत सिंह जीके ने कहा कि सिख समुदाय को चंद डालरों के लिए देश को अस्थिर करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पाकिस्तान की शह पर अमेरिका से संचालित सिख फॉर जस्टिस देश को तोड़ने की कोशिश कर रही है। चीन प्रायोजित मुहिम से देश के सिखों का भला नहीं होने वाला।
मनजीत सिंह मन्नू के मुताबिक, सिख फॉर जस्टिस संस्था के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 19 जुलाई को दिल्ली के गुरुद्वारों बंगला साहिब व शीशगंज साहिब में अरदास करने के बाद रेफरेंडम 2020 के लिए दिल्ली में समर्थन जुटाने के लिए मुहिम चलाने का ऐलान किया हैं। खुद अमेरिका में बैठकर देश के नौजवानों को भड़काने वाले पन्नू को दिल्ली के सिख कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। जीके ने कहा की दाढ़ी और सिर के बालों पर उस्तरा फेरने वाला पन्नू सिख राज की बात करता हैं, इससे ज्यादा सिखों की बदकिस्मती क्या होगी?