नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने सर्वोच्च न्यायालय के दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 2025 पर किसी भी प्रकार की रोक लगाने से इनकार का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कानून आने वाले कई दशकों तक दिल्ली के स्कूल छात्रों के अभिभावकों के हितों की रक्षा करेगा और यह भाजपा की दिल्ली सरकार की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। सचदेवा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के हलफनामे को स्वीकार और स्पष्ट किया कि दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 2025 वर्ष 2026-27 से लागू होकर अभिभावकों के हितों की रक्षा करने में सक्षम है। न्यायालय ने निजी स्कूलों की याचिका पर आगे सुनवाई की आवश्यकता नहीं समझी, जिससे यह साफ हो गया कि यह कानून पूरी तरह जनहित में है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और आप की सरकारों ने निजी स्कूल प्रबंधन से सांठगांठ कर हर साल फीस, एडमिशन चार्ज और डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर अभिभावकों की लूट को खुली छूट दी। 2025 में जैसे ही भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार बनी और निजी स्कूलों ने फिर फीस बढ़ाने की कोशिश की, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 2025 लाकर अभिभावकों को राहत दी।