दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने बुधवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है। मिश्रा का कहना है कि दिल्लीवालों को मुख्यमंत्री साल में सिर्फ दो बार सचिवालय गया है।
कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर तंज कसा है कि वह देश के सबसे कम जनता से मिलने वाले, सबसे कम दफ्तर जाने वाले, कोई भी विभाग न रखने वाले, सबसे कम काम करने वाले, अमूमन छुट्टी पर रहने के बाद आधिकारिक तौर पर छुट्टियां लेने वाले मुख्यमंत्री हैं। जल्द ही वह देश के ऐसे मुख्मयंत्री बनने जा रहे हैं, जिन पर सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार के मामले चलेंगे।
कपिल ने आरोप लगाया है कि जिस काम में भ्रष्टाचार की गुंजाइश है, उसे दिल्ली सरकार कर ले जाती है लेकिन जिसमें पैसा मिलने की उम्मीद नहीं है, उसे केंद्र सरकार के मत्थे मढ़ दिया जाता है। मिश्रा ने इस बारे में पूरा एक ब्लॉग लिखा है। खास बात यह कि इस मामले में आम आदमी पार्टी व दिल्ली सरकार कोई भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर रही है।
कपिल मिश्रा का कहना है कि सगे-संबंधियों के खिलाफ रोजाना सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों के बीच मुख्यमंत्री खामोश हैं। इस बीच घर से सिर्फ एक बार सरकार-तीन फिल्म देखने निकले। मिश्रा ने आगे लिखा कि दिल्लीवालों को अंदाजा भी नहीं कि उनका मुख्यमंत्री साल में सिर्फ दो बार ऑफिस गया है।
कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया है कि अभी तक मिलीं 400 से ज्यादा शिकायतों से एक बात समझ में आई, वह यह कि जिसमें भ्रष्टाचार संभव था, वो काम न उपराज्यपाल रोक सके न केंद्र सरकार लेकिन जिन कामों में भ्रष्टाचार नहीं होता वो सब उपराज्यपाल व केंद्र सरकार के बहाने फंसा दिये जाने का दावा किया गया। मोहल्ला क्लीनिक से जुड़ी जो शिकायतें मिली हैं उनसे साफ है कि दिल्ली सरकार को केंद्र व उपराज्यपाल का कोई डर नहीं। इसमें कानून की धज्जियां उड़ाई गयी हैं।
कपिल मिश्रा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल फिलहाल बंद कमरों में अपने दोस्तों से कह रहे हैं कि जनता 15 दिनों में सब भूल जायेगी। इसीलिये खुद उन्होंने भी चुप्पी साध रखी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अपनी खुद की परफार्मेंस रिपोर्ट लोगों के सामने रखेंगे। साथ ही नसीहत भी दी है कि जनता भूलती नहीं, अब वह बोलेगी।