पुलिस ने आरोपी की पहचान गांव अभाईपुर, कैथवाना, भरतपुर, राजस्थान निवासी आलमुद्दीन (50) के रूप में हुई है। पुलिस की छापेमारी के समय इसके दोनों आरोपी बेटे जलालुद्दीन और मुर्सलीन मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी के पास से आठ मोबाइल फोन और छह सिमकार्ड बरामद किए हैं। छानबीन के दौरान पुलिस को आरोपी के सभी मोबाइल 140 लोगों की वीडियो मिली हैं, जिनके जरिये यह लोग देशभर के लोगों को ब्लैकमेल कर वसूली कर रहे थे।
फिलहाल यूपी, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के कुछ मामले इसकी गिरफ्तारी से लिंक हुए हैं। बैंक खाते की जांच से पता चला है कि आरोपी ने पिछले एक माह में पांच लाख से ज्यादा की ठगी की है। शाहदरा जिला के पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि साइबर थाने को पांच जून को मूलचंद गर्ग नामक एक व्यक्ति की ओर से शिकायत मिली थी। पीड़ित ने बताया कि 31 मई को उनके व्हाट्सएप पर अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आई।
कॉल उठाते ही एक लड़की ने अश्लील हरकत शुरू कर दी। पीड़ित के साथ इसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया। कुछ देर बाद ही पीड़ित के मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आया। आरोपी ने खुद को दिल्ली पुलिस का एसीपी विक्रम राठौर बताया। आरोपी ने पीड़ित को गिरफ्तारी का डर दिखाकर मोटी रकम की डिमांड की। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर उनको बदनाम करने की धमकी भी दी। पीड़ित बुरी तरह डर गए और आरोपियों के खाते में 47076 रुपये ऑनलाइन भेज दिए।
पीड़ित की शिकायत पर फौरन मामला दर्ज कर एसीपी-एसएचओ शाहदरा साइबर थाना संजय कुमार व एसआई श्वेता शर्मा व अन्यों की टीम ने मामले की छानबीन शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी भरतपुर इलाके में सक्रिए हैं। एसआई श्वेता व अन्यों की टीम ने भरतपुर पहुंचकर कैथवाडा थाना पुलिस की मदद ली। बाद में अभाईपुर गांव में छापेमारी कर मुख्य आरोपी आलमुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने देशभर के लोगों से ठगी का खुलासा किया। उसने बताया कि इनके निशाने पर ज्यादातर बुजुर्ग लोग रहते थे।
आरोपी ने गांव में बना रखी है ठीक-ठाक प्रॉपर्टी...
मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभाईपुर गांव के ज्यादातर लोग सेक्सटॉर्शन में शामिल हैं। इन लोगों ने गांव में अपने आलीशान घर बनाने के अलावा महंगी गाड़ियां भी खरीदी हुई हैं। खुद आरोपी ने आलमुद्दीन ने खेती के लिए ट्रैक्टर खरीदने के अलावा कई ट्रक भी खरीदे हुए हैं।
आरोपियों के मोबाइल से कई दिल्ली पुलिस अधिकारियों की तस्वीरें भी मिली...
छानबीन के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से दिल्ली पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों की तस्वीरें भी मिली हैं। आरोपी इन फोटो के जरिये लोगों को डराते थे। आरोपी अपनी व्हाट्सएप डीपी पर भी इन अधिकारियों के फोटो ही लगाते थे। आशंका व्यक्त की जा रही है कि इन लोगों ने कई सौ लोगों को अपना शिकार बनाया है।