कृषि कानूनों के खिलाफ विभिन्न किसान संगठनों के दिल्ली मार्च को लेकर हरियाणा सरकार और पुलिस की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। आंदोलन के दौरान गड़बड़ी की आशंका के चलते पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए। कई जिलों में किसान नेताओं पर दबिश दी जा रही है। मंगलवार शाम तक पुलिस ने 50 से ज्यादा किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा कई नेता भूमिगत हो गए हैं।
यह वे किसान नेता है, जिन्हें इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए हरियाणा के विभिन्न जिलों में किसान संगठनों ने मुख्य जिम्मेदारी सौंप रखी है। इन्हीं नेताओं ने अपने-अपने इलाकों के किसानों को एकत्रित कर दिल्ली लेकर जाना है। किसान संगठनों ने 26 और 27 नवंबर को दिल्ली कूच का का एलान किया है। इस वजह से कई सीमाओं को सील करने की तैयारी है।
उधर, विपक्ष के नेताओं ने भी किसानों की हिरासत को मुद्दा बनाकर प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया है। दूसरी ओर, हरियाणा पुलिस का दावा है कि प्रदेश में किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसी के चलते 25 नवंबर दोपहर बाद से पंजाब बॉर्डर भी सील करने की तैयारी चल रही है, क्योंकि प्रदेश पुलिस को आशंका है कि हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली कूच के लिए पंजाब के किसान भी हरियाणा से ही आगे बढ़ेंगे।
ट्रकों-ट्रालियों में राशन लेकर पंजाब से निकल पड़े किसान
किसान दिल्ली पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना देना चाहते हैं, ताकि कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बना सकें। इसी सोच के साथ पंजाब के विभिन्न इलाकों से तो किसान जत्थे ट्रकों व ट्रालियों में कई दिनों का राशन भरकर दिल्ली के लिए निकल भी पड़े हैं। इन किसानों ने फिलहाल हरियाणा से सटे इलाकों में सड़कों पर ही डेरा जमा लिया है और 25 नवंबर को ये किसान आगे बढ़ेंगे।