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दिल्ली: इंस्पेक्टर को छह गोली मारने वाले बदमाशों को मुठभेड़ के बाद दबोचा, तीन पिस्टल,आठ कारतूस बरामद 

Tue, 24 Nov 2020 09:38 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल व गुरुग्राम पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर संदीप बदवासनी गिरोह के दो गैंगस्टर को मुठभेड़ के बाद दबोचा है। दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी हैं। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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बदमाशों की गोलियों से दो एसआई बाल-बाल बच गए। इन बदमाशों ने गुरुग्राम के अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर को दिनदहाड़े छह गोली मारी थीं। गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार बदमाश रूपिन्द्र उर्फ नन्हा पर दो लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था। बदमाशों के कब्जे से तीन स्वचालित पिस्टल और आठ कारतूस बरामद किए गए हैं। दोनों बदमाशों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास,उगाही व लूटपाट के काफी मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार बदमाश अमित जिला स्तर का वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुका है।

स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार अवैध शराब सप्लाई करने वाले संदीप बदवासनी ने दूसरे अवैध शराब तस्करों से बदला लेने के लिए वर्ष 2014-15 में अपना गिरोह बनाया था। इसके बाद कई लोगों की हत्या की गई थी। फरवरी, 2017 में संदीप बदवासनी की हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप सोनीपत निवासी रामकरण और उसके साथी व रोहतक निवासी सत्यवान मलिक पर लगा। संदीप की हत्या का बदला लेने के लिए गांव बरोना, सोनीपत हरियाणा निवासी अजय उर्फ बिट्टू ने रोहतक में दिसंबर, 2017 में सत्यवान की हत्या कर दी थी।
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हरियाणा पुलिस ने अजय उर्फ बिट्टू व उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया था। ये अभी भी जेल में हैं। अजय जेल से व रूपिन्द्र उर्फ नन्हा बहार से गिरोह का चला रहे थे। ये दोनों सत्यवान मलिक के परिवार के लोगों की हत्या करना चाहते थे। इन्होंने रामकरण की हत्या की असफल कोशिश की थी। रूपिन्द्र उर्फ नन्हा और उसके साथियों ने गुरुग्राम पुलिस के इंस्पेक्टर व सत्यवान की भतीजे की 20 सितंबर में हत्या करने की कोशिश की थी। इन्होंने इंस्पेक्टर को छह गोली मारी थीं। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने रूपिन्द्र पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।

मुठभेड़ के दौरान चली थीं 28 गोलियां

सेल में तैनात इंस्पेक्टर मानसिंह व सीआईए, हरियाणा पुलिस इन बदमाशों की तलाश कर रही थी। इंस्पेक्टर मानसिंह को रूपिन्द्र व अन्य बदमाशों के रोहिणी में आने की सूचना मिली थी। एसीपी संजय दत की देखरेख में इंस्पेक्टर मानसिंह, एसआई संदीप यादव व रवि राणा और गुरुग्राम पुलिस के इंस्पेक्टर राजकुमार आदि की टीम ने 24 नवंबर तड़के चार बजे मुनक नहर,  सेक्टर-29 रोहिणी, खेड़ा गांव पुलिया के पास घेराबंदी की।

तभी वहां होंडा सिटी कार आती हुई दिखाई दी। पुलिस ने कार चालक को रूकने का इशारा किया तो बदमाशों ने कार से बहार निकलते ही पुलिस टीम पर गोली चला दीं। बदमाशों ने कुल 11 गोलियां चलाई थी। एक-एक गोली स्पेशल सेल के एसआई पुनित व गुरुग्राम पुलिस के एसआई राजकुमार को लगी। बुलट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण दोनों बच गए। जवाबी कार्रवाई में भी पुलिस टीम ने कुल 17 राउंड गोली चलाई। दो गोली गांव बारोना, सोनीपत निवासी रूपिन्द्र(26) के पैर में व एक गोली कार चालक गांव सिसवाल जिला हिसार हरियाणा निवासी अमित सूतर(22) के पैर में लगी। दोनों को भीमराव आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। गिरफ्तारी के समय दोनों विरोधी गिरोह के सदस्यों की हत्या करने जा रहे थे।
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हरियाणा पुलिस की कस्टडी में कैदी की हत्या कर दी थी

स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार रूपिन्द्र उर्फ नन्हा की संदीप बदवासनी के दोस्त अजय उर्फ बिट्टू से दोस्ती थी। उसी ने ही रूपिन्द्र को संदीप से मिलवाया था। रूपिन्द्र, अजय ने अन्य साथियों के साथ गन्नौर, सोनीपत की जिला कोर्ट में हरियाणा पुलिस की कस्टडी में विकास उर्फ दूधिया की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद इन लोगों ने कई लोगों की हत्या की थी।

अमित जिला स्तर का खिलाड़ी रह चुका है
अमित सूतर ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। उसने वर्ष 2016 तक जिला स्तर तक वॉलीबॉल खेला था। स्कूल में उसके कक्षा में पढने वाले मनीष व मुकेश से अच्छे संबंध नहीं थे। इस कारण इसने दोनों की हत्या करने की कोशिश की थी। दोनों के खिलाफ काफी मामले दर्ज हैं।
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