सेल में तैनात इंस्पेक्टर मानसिंह व सीआईए, हरियाणा पुलिस इन बदमाशों की तलाश कर रही थी। इंस्पेक्टर मानसिंह को रूपिन्द्र व अन्य बदमाशों के रोहिणी में आने की सूचना मिली थी। एसीपी संजय दत की देखरेख में इंस्पेक्टर मानसिंह, एसआई संदीप यादव व रवि राणा और गुरुग्राम पुलिस के इंस्पेक्टर राजकुमार आदि की टीम ने 24 नवंबर तड़के चार बजे मुनक नहर, सेक्टर-29 रोहिणी, खेड़ा गांव पुलिया के पास घेराबंदी की।
तभी वहां होंडा सिटी कार आती हुई दिखाई दी। पुलिस ने कार चालक को रूकने का इशारा किया तो बदमाशों ने कार से बहार निकलते ही पुलिस टीम पर गोली चला दीं। बदमाशों ने कुल 11 गोलियां चलाई थी। एक-एक गोली स्पेशल सेल के एसआई पुनित व गुरुग्राम पुलिस के एसआई राजकुमार को लगी। बुलट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण दोनों बच गए। जवाबी कार्रवाई में भी पुलिस टीम ने कुल 17 राउंड गोली चलाई। दो गोली गांव बारोना, सोनीपत निवासी रूपिन्द्र(26) के पैर में व एक गोली कार चालक गांव सिसवाल जिला हिसार हरियाणा निवासी अमित सूतर(22) के पैर में लगी। दोनों को भीमराव आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। गिरफ्तारी के समय दोनों विरोधी गिरोह के सदस्यों की हत्या करने जा रहे थे।
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार रूपिन्द्र उर्फ नन्हा की संदीप बदवासनी के दोस्त अजय उर्फ बिट्टू से दोस्ती थी। उसी ने ही रूपिन्द्र को संदीप से मिलवाया था। रूपिन्द्र, अजय ने अन्य साथियों के साथ गन्नौर, सोनीपत की जिला कोर्ट में हरियाणा पुलिस की कस्टडी में विकास उर्फ दूधिया की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद इन लोगों ने कई लोगों की हत्या की थी।
अमित जिला स्तर का खिलाड़ी रह चुका है
अमित सूतर ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। उसने वर्ष 2016 तक जिला स्तर तक वॉलीबॉल खेला था। स्कूल में उसके कक्षा में पढने वाले मनीष व मुकेश से अच्छे संबंध नहीं थे। इस कारण इसने दोनों की हत्या करने की कोशिश की थी। दोनों के खिलाफ काफी मामले दर्ज हैं।