एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे प्रदूषित
दूसरी ओर, एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 373 दर्ज किया गया, यह बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 364, गाजियाबाद में 349 और गुरुग्राम में 303 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 220 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन का कार्य करने वाली निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाले प्रदूषण की 21.07 फीसदी हिस्सेदारी रही। इसके अलावा, पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की 1.93 फीसदी, निर्माण गतिविधियां से होने वाले प्रदूषण की 3.11 फीसदी और आवासीय इलाकों की भागीदारी 5.23 फीसदी रही। सीपीसीबी के अनुसार, मंगलवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1400 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा।
दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 319.9 और पीएम2.5 की मात्रा 178.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सीपीसीबी के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा बेहद खराब, खराब और एक में गंभीर रिकॉर्ड की गई।