पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं और मौसमी दशाओं के कारण राजधानी की हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में 21 अंकों के सुधार के बाद भी दिल्ली इस श्रेणी से बाहर नहीं निकल पाई। औसत एक्यूआई 374 रहा, जो बृहस्पतिवार को 395 था।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, बवाना इलाके की हवा लगातार दूसरे दिन राजधानी में सबसे अधिक प्रदूषित रही। वहां का एक्यूआई 447 रिकॉर्ड किया गया, जो एक दिन पहले 453 था। यह स्थिति बेहद गंभीर श्रेणी में आती है। सफर का पूर्वानुमान है कि शनिवार और रविवार को स्थिति में सुधार हो सकता है।
पराली जलने पर उत्पन्न होने वाले पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की भागीदारी राजधानी में 19 फीसदी रही है। बृहस्पतिवार को यह 36 फीसदी दर्ज की गई थी, जो इस सीजन में सबसे अधिक थी। बुधवार को इसका स्तर 18 फीसदी, मंगलवार को 23, सोमवार को 16, रविवार को 19 और शनिवार को नौ फीसदी रहा था।
सफर के अनुसार, हवा की गति में बदलाव के कारण एक्यूआई में सुधार की उम्मीद है। एक नवंबर के बाद से फिर से गुणवत्ता खराब हो सकती है। राजधानी में हॉटस्पॉट क्षेत्रों की बात करें तो शादीपुर में एक्यूआई 417, पटपड़गंज में 406, बवाना में 447 और मुंडका में 427 रहा। बता दें कि बृहस्पतिवार को राजधानी में जनवरी के बाद से सबसे अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया था। इसकी प्रमुख वजह पराली जलाने की घटनाएं रही थी। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहने के साथ न्यूनतम तापमान भी 13.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ये हैं एक्यूआई के मानक
- 0 से 50 अच्छा
- 51 से 100 संतोषजनक
- 101 से 200 मध्यम
- 201 से 300 खराब
- 301 से 400 बहुत खराब
- 401 से 500 गंभीर माना जाता है।