भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के अनुसार, मंगलवार सुबह उत्तर पश्चिमी दिशाओं से चल रही हवाओं की रफ्तार चार किमी प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई। इससे आसमान साफ होने के बाद भी सुबह दिल्ली की कई इलाकों में स्मॉग की चादर फैली रही। दिन में हवाओं की चाल में सुधार हुआ और यह आठ किमी प्रति घंटा पहुंच गई। इससे प्रदूषण में मामूली गिरावट दिखी। शाम को दोबारा हवा चार किमी प्रति घंटा की रफ्तार पर ठहर गईं। इससे प्रदूषकों की मात्रा में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका असर मिक्सिंग हाइट और वेंटिलेशन इंडेक्स पर भी पड़ा। दोनों पैरामीटर प्रतिकूल होने से 24 घंटे का औसत एक्यूआई 343 रिकार्ड किया गया।
प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी अभी भी भारी
आईआईटीएम के डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के मुताबिक, हवा में दिल्ली के वाहनों से होने वाली प्रदूषण की हिस्सेदारी मंगलवार भारी रही। इसका हिस्सा 22 फीसदी से ज्यादा रहा। जबकि सोमवार यह 17 फीसदी के करीब था। इस दौरान पराली के धुएं का हिस्सा करीब सात फीसदी रिकार्ड किया गया। आईआईटीएम का अनुमान है कि बुधवार को भी मौसमी दशाओं में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। दिन भर हवाएं 4-6 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। इसका पैटर्न मंगवार की तरह ही रहेगा। सुबह दिल्ली में स्मॉग की चादर छाई रहेगी। दिन में मामूली सुधार के बाद शाम को दोबारा से हालात बिगड़ने का अंदेशा है।