दिल्ली सरकार की देखरेख में स्वास्थ्य विभाग की टीमें कई दिन से निजामुद्दीन बस्ती और अन्य इलाकों में लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ ट्रेवल डाटा एकत्र कर रही हैं। वहां किसी ने अफवाह फैला दी कि ये टीमें एनपीआर का डेटा लेने आई हैं। इसके बाद लोगों ने इन टीमों के साथ सहयोग करना बंद कर दिया। इन अफवाह फैलाने वालों पर निजामुद्दीन थाना पुलिस विशेष नजर रखे हुए है। इन पर मामला दर्ज किया जा सकता है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, निजामुद्दीन बस्ती और अन्य जगहों पर रहने वाले 250 से 300 परिवार मरकज के लोगों के संपर्क में आए थे। ऐसे में इनकी स्क्रीनिंग करने के लिए टीमें भेजी गई थीं। साथ ही, निजामुद्दीन इलाके में रहने वाले लोगों की यात्रा का डाटा एकत्र किया जा रहा है। इसी बीच, निजामुद्दीन बस्सी और अन्य इलाकों में शरारती तत्वों ने अफवाह फैला दी कि ये टीमें एनपीआर का डाटा जमा कर रही हैं।
स्थानीय विधायक प्रवीण और इलाके के गणमान्य लोगों को साथ लेकर पुलिस ने लोगों को समझाया, तब जाकर उन्होंने रविवार व सोमवार को स्क्रीनिंग कराई।