आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन ने अपने खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी को रद्द कराने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की है। अभी दिल्ली हिंसा मामले में ताहिर हुसैन जेल में बंद हैं।
दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन ने अपने खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी को रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। अदालत ने मामले की सुनवाई 25 मई तय की है। हुसैन के वकील ने तर्क दिया कि वर्तमान मामले में सुनवाई शुरू होनी बाकी है और उन्हीं कथित घटनाओं के संबंध में पहले से ही एक और प्राथमिकी दर्ज है।
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अदालत ने पाया कि दोनों मामलों में अंतर है और दोनों 2020 में दर्ज किए गए थे। जबकि वर्तमान प्राथमिकी दंगों के आरोपों से संबंधित है। याचिका के अनुसार, दोनों प्राथमिकी में कथित घटना 25 फरवरी 2020 को शाम चार से पांच बजे के बीच दंगा करने की है और मुझे उकसाया जा रहा था और मेरी छत का इस्तेमाल पेट्रोल बमों के लिए किया गया था।
जानकारी के लिए बता दें कि घटना में दोनों प्राथमिकी का स्थान भी एक ही है। दलील में कहा गया है कि वर्तमान प्राथमिकी 28 फरवरी, 2020 को दर्ज की गई थी और दुकानों को जलाने का आरोप लगाया गया था। एक अन्य प्राथमिकी में इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोपों को लेकर 26 फरवरी, 2020 को दर्ज की गई थी। इसमें घटना स्थल चांद बाग पुलिया इलाके के करीब दर्शाया गया है।