हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी सिफा-उर्र-रहमान एवं अब्दुल खालिद सैफी की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दोनों को निचली अदालत ने पिछले साल जमानत देने से इन्कार कर दिया था।
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न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत एवं न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने पुलिस एवं आरोपियों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। इस मामले में अब तक पांच आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। कुछ आरोपियों ने निचली अदालत के समक्ष आरोप तय होने पर बहस शुरू करने का विरोध किया है। उनका कहना है कि अभी तक जांच पूरा नहीं हुआ है। यह कब पूरा होगा इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।