कोर्ट ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए कि शादी याचिकाकर्ता की सगी बहन की है, याचिका मंजूर की जाती है और याचिकाकर्ता को 16 से 29 दिसंबर तक 20,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड और इतनी ही रकम के दो जमानतदारों के साथ कुछ शर्तों पर अंतरिम जमानत दी जाती है।
दरअसल, दो साल पहले उन्हें अपनी दूसरी बहन की शादी के लिए भी अंतरिम जमानत मिली थी। उमर खालिद पर नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली दंगों के मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत चार्जशीट दायर की गई है। उनकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। साथ ही, दिल्ली हाईकोर्ट और कड़कड़डूमा कोर्ट ने उनकी पिछली जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था।