अदालत ने दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में लगाई गई धारा पर सवाल उठाते हुए आरोपी को जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने कहा पुलिस ने इस मामले में धर्म स्थल या आवासीय परिसर को नुकसान पहुंचाने की धारा लगाई है जबकि इस मामले में वाहन को नुकसान पहुंचाया गया था। यह अपने आप में सवाल खड़े करता है।
कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने मामले में आरोपी फुरकान को जमानत प्रदान की है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 436 आरोपी के मामले में लगाई है। यह धारा किसी उपासना स्थल या आवासीय परिसर को आगजनी या विस्फोट के जरिए नुकसान पहुंचाने से संबंधित है। इस मामले में पुलिस के अनुसार वाहन को आग लगाई गई थी।
अदालत ने कहा कि यह धारा लगाना सवाल खड़े करता है और शेष धाराएं जमानती हैं। इसलिए आरोपी को जमानत प्रदान की जाती है। दिल्ली पुलिस ने फुरकान को दंगा करने, भीड़ में शामिल होने और आगजनी करने संबंधी धाराओं में गिरफ्तार किया था।
अदालत ने कहा कि मामले में शिकायत और पुलिस की एफआईआर पढ़ने पर स्पष्ट है कि सड़क पर खड़े वाहन को आग लगाई गई थी। पुलिस के साइट प्लान के अनुसार भी यह स्थान सड़क था। हालांकि एक परिसर के सटा हुआ था। इसलिए इस मामले में आवासीय परिसर को आगजनी या विस्फोट से नुकसान पहुंचाने की धारा नहीं लग सकती।