राजधानी दिल्ली में लग्जरी मकानों की कीमत देश में सबसे ज्यादा बढ़ रही है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह नौंवें पायदान पर है। वैश्विक संपत्ति सलाहकार फर्म नाइट फ्रैंक ने मंगलवार को रिपोर्ट जारी कर बताया कि पिछले एक साल में रूस के मॉस्को शहर में लग्जरी मकानों के दाम सबसे ज्यादा बढ़े हैं।
नाइट फ्रैंक के मुताबिक, 2019 की तीसरी तिमाही तक दिल्ली के कई इलाकों में लग्जरी मकानों कीमत 4.4 फीसदी बढ़ गई है। बंगलूरू इस साल पांच पायदान फिसलकर 20वें स्थान पर आ गया है, जबकि मुंबई दो पायदान चढ़कर 28वें पर पहुंच गया है।
प्राइम ग्लोबल सिटीज इंडेक्स नाम से जारी रिपोर्ट में दुनियाभर के 45 शहरों को शामिल किया गया है। यहां कीमतों की गणना इन शहरों की स्थानीय मुद्रा के हिसाब से प्रॉपर्टी के दाम मेें आए उछाल के आधार पर की गई है। पिछले साल जारी सूची में दिल्ली 10वें पायदान पर काबिज थी।
मॉस्को में सबसे ज्यादा बढ़ी कीमत
नाइट फ्रैंक के अनुसार, रूस की राजधानी मॉस्को में सितंबर में लग्जरी मकानों की कीमत पिछले 12 महीनों के दौरान सबसे ज्यादा बढ़ी है। यहां 11.1 फीसदी का उछाल आया है। इसके बाद फ्रैंकफर्ट में 10.3 फीसदी और ताइपे में 8.9 फीसदी का उछाल लग्जरी प्रॉपर्टी के दाम में दिखा है। सूची में सियोल को सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शहर के तौर पर शामिल किया गया है। यहां एक साल में लग्जरी मकानों के दाम 12.9 फीसदी कम हो गए हैं। नाइट फ्रैंक के दुनिया के 60 से भी ज्यादा शहरों में कार्यालय हैं, जहां 1,400 से ज्यादा विशेषज्ञ काम करते हैं।
दिल्ली के ये इलाके सबसे महंगे
रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली के ग्रेटर कैलाश, वसंत विहार, आनंद निकेतन, डिफेंस कॉलोनी और ग्रीन पार्क इलाकों में लग्जरी प्रॉपर्टी के दाम सबसे ज्यादा बढ़े हैं। यहां 4.4 फीसदी उछाल के साथ औसत कीमत 33,511 रुपये प्रति वर्गफुट हो गया है। इसी अवधि में बंगलूरू में लग्जरी मकानों की कीमत 2.1 फीसदी बढ़कर 19,709 रुपये प्रति वर्गफुट और मुंबई में 0.8 फीसदी उछाल के साथ 64,775 रुपये प्रति वर्गफुट हो गई है।
बड़े निवेशकों का रहता है जोर
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और एमडी शिशिर बैजल ने बताया कि दिल्ली और मुंबई की रैंकिंग में उछाल के बावजूद पिछले तीन महीनों में यहां लग्जरी मकानों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि सरकार और नीतियों का ज्यादातर जोर किफायती और मध्य आय वाले मकानों की आपूर्ति पर रहता है। ऐसे में लग्जरी प्रॉपर्टी के विकास में बड़े और निजी निवेशकों का पूरा जोर रहता है और वे ऐसे मकानों के निर्माण में काफी पूंजी लगाते हैं।