पुलिस ने बताया कि बाल मजदूरी में लिप्त पाई गईं संपत्तियों को सील कर दिया गया है। बच्चों के बयान के आधार पर बाल मजदूरी कराने वालों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
राजधानी में बाल मजदूरी पर शिकंजा कसते हुए पुलिस-प्रशासन ने 26 बच्चों को मुक्त कराया है। निजी संस्थाओं के जरिये जिला प्रशासन को मयूर विहार इलाके में नाबालिग बच्चों से दुकानों और फैक्टरी में जबरन मजदूरी कराने की सूचना मिली थी।
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इसके आधार पर मयूर विहार एसडीएम संजय कुमार ने पुलिस, श्रम विभाग और चाइल्ड कमेटी की संयुक्त टीम के साथ बृहस्पतिवार को कोंडली और घड़ोली इलाके में आठ जगह छापा मारकर मजदूरी कर रहे बच्चों को मुक्त करा लिया। सभी बच्चों का मेडिकल कराने के बाद चाइल्ड होम भेज दिया गया है। मुक्त कराए गए बच्चों की उम्र 9 से 14 साल के बीच है। उनमें से ज्यादातर यूपी और बिहार के रहने वाले हैं।
पुलिस ने बताया कि बाल मजदूरी में लिप्त पाई गईं संपत्तियों को सील कर दिया गया है। बच्चों के बयान के आधार पर बाल मजदूरी कराने वालों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।