डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मनोरोग विभाग में इलाज करवाने आ रहे मरीजों को धर्मशाला भवन का रुख करना होगा। मौजूदा समय में यह विभाग नाॅर्थ एवेन्यू गोल चक्कर के पास स्थित अस्पताल परिसर में चल रहा है। यहां रोजाना औसतन 300 से 400 मरीज इलाज करवाने आते हैं। इस परिसर क्षेत्र को तोड़कर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल से संबंधित अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान के लिए समर्पित भवन बनाया जाएगा। फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समर्पित भवन की आधारशिला रखी थी।
प्रशासन के मुताबिक, मनोरोग विभाग को बिरला मंदिर के सामने नवयुग स्कूल के पास डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल से संबंधित धर्मशाला भवन, मंदिर मार्ग में स्थानांतरित किया जा रहा है। यह जगह मौजूदा परिसर के मुकाबले कुछ बड़ी है। कोशिश की जाएगी कि नई जगह पर मरीजों को पहले के मुकाबले बेहतर सुविधाएं दी जा सकें।
दूसरे विभाग में दिखाने वाले मरीजों को होगी परेशानी
मनोरोग विभाग के साथ दूसरे विभागों में उपचार करवा रहे मरीजों को विभाग के शिफ्ट होने के बाद परेशानी होगी। मौजूदा परिसर सड़क के दूसरे तरफ है, जबकि धर्मशाला भवन मौजूदा परिसर से करीब दो किमी दूर स्थित है। ऐसे में उन मरीजों को परेशानी होगी जिन्हें मनोरोग विभाग में दिखाने के बाद दूसरे विभागों में संपर्क करना पड़ता है। इन्हें उक्त जगह से दो किमी वापस अस्पताल परिसर में आना होगा।
जल्द शुरू होगा भवन का निर्माण कार्य
मनोरोग विभाग के शिफ्ट होने के बाद उक्त परिसर को तोड़कर नए भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। मौजूदा समय में एमबीबीएस के छात्रों की कक्षाएं स्नातकोत्तर संस्थान में चल रही हैं। इन छात्रों के लिए लंबे समय से समर्पित भवन की मांग चल रही थी। छात्रों के लिए तैयार होने वाले भवन को त्रिकोणीय आकार में बनाया जाएगा। इस भवन में छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाएं होने के साथ एआई आधारित लेक्चर रूम, पुस्तकालय, परीक्षण कक्ष सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सीटों का होगा इजाफा
प्रशासन का दावा है कि संस्थान के लिए नए भवन के बनने के बाद एमबीबीएस छात्रों के लिए सीटों का इजाफा हो सकता है। अभी हर बैच में करीब 100 सीटें हैं। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज के लिए कोई जगह नहीं थी। अभी स्नातकोत्तर संस्थान में ही कक्षाएं चल रही थीं।
470 करोड़ रुपये की आएगी लागत
अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान में करीब 470 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज के लिए 12 मंजिला भवन तैयार होगा। इसमें इसमें छह बड़े व्याख्यान हॉल होंगे। प्रत्येक व्याख्यान हॉल में 250 छात्र बैठ सकेंगे। इसके अलावा 1500 सीटों की क्षमता वाला सभागार बनाया जाएगा। साथ ही एक हजार गाड़ियों की क्षमता वाली भूमिगत पार्किंग बनाई जाएगी।