फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का व्यापार पर असर: 10 दिन में 4400 करोड़ का कारोबार होगा प्रभावित, कैट का अनुमान

Sun, 18 Oct 2026 05:58 PM IST
विकास कुमार सनी सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली का अनुमानित औसत दैनिक कारोबार लगभग 2,200 करोड़ रुपये का है। उनके अनुसार प्रदर्शनों के कारण यह प्रभाव 10 दिन में चार हजार करोड़ रुपये तक पहुंचेगा।
विज्ञापन
दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों का कारोबार पर असर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के चलते व्यापारिक गतिविधियों में लंबे समय तक व्यवधान रहा तो रोजाना 440 करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रभावित हो सकता है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक, दिल्ली में रोजाना करीब 2,200 करोड़ रुपये का औसत कारोबार होता है। प्रदर्शन के कारण कारोबार में 10 से 20 फीसदी तक व्यवधान आ रहा है इससे 10 दिन में संभावित प्रभावित कारोबार का आंकड़ा 2,200 करोड़ से 4,400 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

विज्ञापन

 

Trending Videos

रोजाना दिल्ली का औसर कारोबार 2200 करोड़
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े प्रभावित हो रहे कारोबार के अनुमान हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार और शादी के सीजन में बाजारों तक ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से बिक्री के साथ माल की आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है। दिल्ली का अनुमानित औसत दैनिक कारोबार लगभग 2,200 करोड़ रुपये का है। उनके अनुसार प्रदर्शनों के कारण यह प्रभाव 10 दिन में चार हजार करोड़ रुपये तक पहुंचेगा। इस लिए प्रदर्शनों का आयोजन निरधारित जगहों पर ही होना चाहिए ताकि व्यापारिक घाटा न हो।
 

कारोबार में व्यवधान रोजाना संभावित प्रभावित कारोबार 10 दिन में संभावित असर
10 फीसदी   220 करोड़ रुपये 2,200 करोड़ रुपये
15 फीसदी 330 करोड़ रुपये 3,300 करोड़ रुपये
20 फीसदी 440 करोड़ रुपये 4,400 करोड़ रुपये

ग्राहकों के न पहुंचने से त्योहारी बिक्री पर पड़ रहा असर
चांदनी चौक के व्यापारी नेता योगेश सिंघल ने बताया कि अक्टूबर से जनवरी तक का समय कारोबारियों के लिए अहम माना जाता है। दशहरा, दिवाली और शादी के सीजन में ज्वेलरी, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान की मांग बढ़ती है। ऐसे में जाम, रास्तों में बदलाव और बाजारों तक पहुंचने में परेशानी के कारण ग्राहक खरीदारी टालते हैं तो दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। बिक्री घटने के बावजूद किराया, कर्मचारियों का वेतन, बिजली बिल और अन्य खर्च जारी रहते हैं।
विज्ञापन

थोक कारोबार से डिलीवरी तक असर
सदर बाजार के व्यापारी नेता परमजीत सिंह पम्मा ने बताया कि दिल्ली के थोक बाजार दूसरे शहरों के व्यापारियों और खुदरा दुकानदारों को भी माल उपलब्ध कराते हैं। यातायात बाधित होने से माल की ढुलाई और डिलीवरी में देरी होने की आशंका रहती है। इसका असर ट्रांसपोर्टर, गोदाम संचालक, डिलीवरी कर्मियों और छोटे कारोबारियों की कमाई पर भी पड़ रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें