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दिल्ली प्रोफेसर मर्डर केस में बड़ा खुलासा: 1400KM दूर से आए दंपती, कत्ल किया और फिर चले गए; इसलिए मार डाला

Sun, 07 Jun 2026 01:27 PM IST
Sharukh Khan पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली यूनिवर्सिटी की महिला प्रोफेसर की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस सनसनीखेज हत्याकांड को दंपती ने अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों को बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के पीछे की वजह भी सामने आ गई है।
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Delhi Professor Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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देश की राजधानी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में हुई दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या के मामले में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल से दंपती को गिरफ्तार किया है, प्रॉपर्टी विवाद के चलते दोनों हत्या को अंजाम दिया था। यह चौंकाने वाला मामला 1400 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल में स्थित संपत्ति पर कब्जे की मंशा से जुड़ा है।
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प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल और गिरफ्तार किए गए किराएदार दंपती के बीच पश्चिम बंगाल स्थित एक संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रोफेसर अपने नाना की उस संपत्ति को खाली करवाना चाहती थीं, लेकिन आरोपी उस पर कब्जा जमाए रखना चाहते थे।

इसी विवाद ने धीरे-धीरे इतना गंभीर रूप ले लिया कि आरोपियों ने प्रोफेसर को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। पुलिस के अनुसार, यह हत्या पूरी सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी, जिसके लिए आरोपी पश्चिम बंगाल से दिल्ली पहुंचे थे।
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पुलिस की गहन जांच और कार्रवाई
प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया था। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी और उन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज की भी गहनता से जांच की। जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले में छापेमारी कर दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने और लोगों का शक दूर करने के लिए आरोपी अपने साथ एक बच्चे को भी लेकर आए थे। पुलिस का मानना है कि यह उनकी पहचान छिपाने और जांच को भटकाने की एक सोची-समझी रणनीति थी।

चार राज्यों में छापेमारी, 7 टीमों का ऑपरेशन
हत्याकांड को सुलझाने के लिए ईस्ट जिला पुलिस की सात टीमें लगातार काम कर रही थीं। दिल्ली, यूपी, हरियाणा और पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों में इस मामले को लेकर छापेमारी की गई। 
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आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया
फिलहाल, दोनों गिरफ्तार आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिल्ली लाया जा रहा है। दिल्ली पहुंचने पर उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड की मांग कर सकती है। रिमांड के दौरान हत्या से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ की जाएगी, जिसमें साजिश रचने वालों की पहचान और हत्या की योजना के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाएगा। 
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