राजधानी के एक निजी स्कूल में नौंवी क्लास में छात्रा को दाखिला महज इसलिए दाखिला देने से मना कर दिया, क्योंकि उसके सर पर बाल नहीं थे। यह आरोप युवती के परिजनों ने लगाया है।
उनका कहना है कि बच्ची दो साल की उम्र से एलोपेसिया बीमारी से ग्रसित है। इस बीमारी में बच्ची के बाल कुछ दिन बढ़ने के बाद झड़ जाते हैं। बच्ची की मां का आरोप है कि प्रवेश परीक्षा में पास होने के बावजूद उनकी बच्ची को स्कूल में दाखिला नहीं दिया।
बच्ची की मां शैलेश गुप्ता ने बताया उन्होंने मयूर विहार फेस-3 स्थित वनस्थली पब्लिक स्कूल में नौंवी कक्षा के लिए आवेदन किया था। स्कूल प्रशासन ने बेटी का टेस्ट लिया, जिसमें वह पास हो गई। बृहस्पतिवार को उन्हें दाखिले के लिए बुलाया गया था। जब परिजन स्कूल पहुंचे तो बच्ची का हुलिया देखने के बाद प्रशासन ने दाखिला देने से इनकार कर दिया।