आम्रपाली की परियोजनाओं में फंसे हजारों खरीदारों की मुश्किलों को कम करने के लिए एनबीसीसी की ओर से पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इस पर पीड़ित लाॅग-इन कर जरूरी दस्तावेज मुहैया कराकर फ्लैट के लिए ऑनलाइन एनओसी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, परियोजना से संबंधित सारी जानकारी भी ले सकेंगे। आम्रपाली से जुड़े हजारों पीड़ित देशभर में हैं। ऐसे में इन्हें अपनी समस्याओं के लिए बार-बार दिल्ली और नोएडा आना पड़ता है। पोर्टल के बनने से इन्हें राहत मिलेगी।
एनबीसीसी के अधिकारियों ने बताया कि खरीदारों के लिए फ्लैट प्राप्त करने की प्रक्रिया को डिजिटल किया जा रहा है। इससे पारदर्शिता आने के साथ ही पीड़ितों को पोर्टल पर परियोजना की सारी जानकारी मिलेगी, ताकि उनकी सारी आशंकाएं दूर की जा सकें। पोर्टल को जल्द शुरू किया जाएगा। आम्रपाली की परियोजनाओं में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुई हैं। ऐसे में खरीदारों के दस्तावेज को सत्यापित करने में काफी समय लग रहा है। कई खरीदारों के पैसे बकाया हैं। जांच में भी समय लग रहा है जिससे फ्लैट देने में काफी देरी हो रही है।
दिसंबर तक मिलेंगे 21000 फ्लैट
वर्ष 2019 में परियोजना को हाथ में लेने के बाद से एनबीसीसी ने अब तक 38,500 फ्लैटों में से 16,000 को पूरा कर लिया है। इनमें से 6,000 फ्लैट खरीदारों को सौंप दिए गए हैं और 10,000 फ्लैट देने के लिए खरीदारों के दस्तावेज के सत्यापन का काम चल रहा है। एनबीसीसी ने दिसंबर 2024 तक 21,000 खरीदारों को फ्लैट देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बाकी फ्लैट मार्च 2025 तक पूरे हो जाएंगे।
80 टावरों में बनेंगे 13 हजार फ्लैट
जिन पांच परियोजनाओं के लिए ग्रेनो प्राधिकरण ने एफएआर की मंजूरी दी है। उसमें 80 टावर बनाएंगे जाएंगे। यह चार से आठ मंजिला के होंगे और लागत 10 हजार करोड रुपये होगी। इसमें 13,250 फ्लैट बनेंगे जिससे 15000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। इस परियोजना में 4 बीएचके, 3 बीएचके व 2 बीएचके के फ्लैट शामिल हैं। इनकी बुकिंग जून से शुरू होगी।