दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने कहा है कि सोमवार से ही प्रतिबंध लागू माना जाएगा। सभी निर्माण कार्यों से जुड़े प्राधिकरणों को तत्काल गतिविधि रोकने का आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं, ईपीसीए ने सड़कों पर वाहनों के बिना रुकावट परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को मुस्तैदी बढ़ाने को भी कहा है। ईपीसीए ने कहा कि संबंधित पुलिस विभाग पूरी सख्ती के साथ यह तय करें कि भारी वाहन पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ही चलें।
फरीदाबाद, गुरुग्राम, में भी निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक लगाने की सिफारिश की गई थी। सीपीसीबी ने ईपीसीए को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के हॉटस्पॉट वाले औद्योगिक क्षेत्र वजीरपुर, मुंडका, नरेला, बवाना, साहिबाबाद और फरीदाबाद में औद्योगिक गतिविधि पर रोक लगाने और फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद और नोएडा में निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक लगाने की सिफारिश की थी।
अवैध औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई
ईपीसीए ने आदेश न मानने वाली और अवैध औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का भी आदेश दिया है। साथ ही संबंधित एजेंसियों को जमीनी कार्रवाई पर ज्यादा से ज्यादा केंद्रित रहने को कहा है। एजेंसियों को हिदायत दी गई है कि वह खासतौर से प्रदूषण गतिविधियों को रोकने और जलाए जाने वाले कचरा पर अंकुश लगाएं।
ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने कहा कि वेंटिलेशन सूचकांक बेहद कमजोर है। अगले दो दिन में यह सुधर सकती है। वेंटिलेशन सूचकांक जितना बेहतर होगा प्रदूषण कण उतनी तेजी से बिखरेंगे। 6 हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड से अधिक का वेंटिलेशन सूचकांक ही प्रदूषण कणों को बिखरने में सक्षम होता है। यह 4 हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड से भी नीचे रिकॉर्ड किया गया था।
दिल्ली मेट्रो, पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई को नोटिस
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने कहा, इस बार एनसीआर की आबोहवा खराब करने के लिए दिल्ली और गाजियाबाद जिम्मेदार हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण फैलाने के आरोप में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई सहित कई गैर-सरकारी एजेंसियों को नोटिस दिया है। तीन कंपनियों पर एक-एक करोड़ का जुर्माना भी किया है।
केंद्रीय पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा ने सोमवार को बताया कि वायु प्रदूषण के हालात गंभीर होने के बाद सख्त कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी समेत एनसीआर में हवा की गुणवत्ता में गिरावट शनिवार रात से शुरू हुई थी। इसमें सुधार के लिए 26 दिसंबर का इंतजार करना होगा। सोमवार को लगाए गए रोक की बुधवार को समीक्षा की जाएगी।