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प्रदूषण ने किया आपात स्तर पार तो बोले केजरीवाल, जरूरत पड़ी तो लागू होगा ऑड-ईवन

Tue, 25 Dec 2018 02:16 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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केजरीवाल - फोटो : ani
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दिल्ली की वायु गुणवत्ता मंगलवार को लगातार चौथे दिन ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी रही। अधिकारियों ने बताया कि मौसमी परिस्थितियां प्रदूषक तत्वों के बिखराव के लिए प्रतिकूल बनी हुई हैं। दीपावली के बाद से ही शहर प्रदूषण के सबसे बुरे संकट का सामना कर रहा है। एक ओर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के डेटा के मुताबिक, समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 416 के ‘गंभीर’ स्तर पर रहा वहीं केंद्र संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली (सफर) ने 423 एक्यूआई दर्ज किया।

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पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने सोमवार को वायु गुणवत्ता के खतरनाक स्थिति में पहुंचने के बाद दिल्ली-एनसीआर में 26 दिसंबर तक के लिए निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, आम लोगों से अपील की गई है कि वे अगले चार से पांच दिन कम से कम वाहन सड़कों पर चलाएं।

इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री सामने आए हैं और कहा है कि हम प्रदूषण कम करने के लिए जरूर कदम उठा रहे हैं। जैसे- पौधारोपण मुहिम चलाना, 3000 बसें खरीदना आदि। हमने दिल्ली मेट्रो के सबसे लंबे फेज फोर को भी कल अनुमति दे दी है। अगर जरूरत पड़ी तो हम ऑड-ईवन योजना लागू करेंगे। इसमें हर किसी को प्रदूषण कम करने के लिए अपनी भूमिका निभानी होगी।
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गौरतलब है कि सोमवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के टास्क फोर्स की सिफारिश पर गौर करने के बाद ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने दिल्ली के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्य सचिव को यह आदेश दिया।

सोमवार को लगातार तीसरे दिन दिल्ली-एनसीआर की हवा खतरनाक श्रेणी की बनी रही। सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 आपात स्तर को पार कर गए हैं। सोमवार को दिल्ली का एक्यूआई 448, गाजियाबाद का एक्यूआई 456, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 450, फरीदाबाद का एक्यूआई 440, गुरुग्राम का एक्यूआई 330 और नोएडा का एक्यूआई 464 रिकॉर्ड किया गया।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने कहा है कि सोमवार से ही प्रतिबंध लागू माना जाएगा। सभी निर्माण कार्यों से जुड़े प्राधिकरणों को तत्काल गतिविधि रोकने का आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं, ईपीसीए ने सड़कों पर वाहनों के बिना रुकावट परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को मुस्तैदी बढ़ाने को भी कहा है। ईपीसीए ने कहा कि संबंधित पुलिस विभाग पूरी सख्ती के साथ यह तय करें कि भारी वाहन पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ही चलें।

फरीदाबाद, गुरुग्राम, में भी निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक लगाने की सिफारिश की गई थी। सीपीसीबी ने ईपीसीए को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के हॉटस्पॉट वाले औद्योगिक क्षेत्र वजीरपुर, मुंडका, नरेला, बवाना, साहिबाबाद और फरीदाबाद में औद्योगिक गतिविधि पर रोक लगाने और फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद और नोएडा में निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक लगाने की सिफारिश की थी।

अवैध औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई

ईपीसीए ने आदेश न मानने वाली और अवैध औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का भी आदेश दिया है। साथ ही संबंधित एजेंसियों को जमीनी कार्रवाई पर ज्यादा से ज्यादा केंद्रित रहने को कहा है। एजेंसियों को हिदायत दी गई है कि वह खासतौर से प्रदूषण गतिविधियों को रोकने और जलाए जाने वाले कचरा पर अंकुश लगाएं।
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प्रदूषण बिखेरने में सक्षम नहीं हवा

ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने कहा कि वेंटिलेशन सूचकांक बेहद कमजोर है। अगले दो दिन में यह सुधर सकती है। वेंटिलेशन सूचकांक जितना बेहतर होगा प्रदूषण कण उतनी तेजी से बिखरेंगे। 6 हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड से अधिक का वेंटिलेशन सूचकांक ही प्रदूषण कणों को बिखरने में सक्षम होता है। यह 4 हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड से भी नीचे रिकॉर्ड किया गया था।

दिल्ली मेट्रो, पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई को नोटिस

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने कहा, इस बार एनसीआर की आबोहवा खराब करने के लिए दिल्ली और गाजियाबाद जिम्मेदार हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण फैलाने के आरोप में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई सहित कई गैर-सरकारी एजेंसियों को नोटिस दिया है। तीन कंपनियों पर एक-एक करोड़ का जुर्माना भी किया है।

केंद्रीय पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा ने सोमवार को बताया कि वायु प्रदूषण के हालात गंभीर होने के बाद सख्त कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी समेत एनसीआर में हवा की गुणवत्ता में गिरावट शनिवार रात से शुरू हुई थी। इसमें सुधार के लिए 26 दिसंबर का इंतजार करना होगा। सोमवार को लगाए गए रोक की बुधवार को समीक्षा की जाएगी।
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