राजधानी में शुक्रवार को हवा की गति धीमी होने की वजह से वायु गुणवत्ता सूचकांक पर असर पड़ा। इस वजह से 25 अंकों की बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। आगामी दो दिनों तक भी हवा में सुधार होने की संभावना नहीं है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड( सीपीसीबी) के अनुसार, शुक्रवार को राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 281 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह 256 दर्ज किया गया था। वहीं, बुधवार को यह 262 रहा था। शुक्रवार को दिल्ली समेत एनसीआर में शामिल गाजियाबाद को छोड़कर अन्य सभी शहरों की हवा भी खराब श्रेणी में दर्ज की गई है जबकि गाजियाबाद की हवा बहुत खराब श्रेणी में रही है। इससे एक दिन पहले गाजियाबाद की हवा भी खराब श्रेणी में दर्ज की गई थी।
सफर के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्व पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में भी इजाफा हुआ है। पीएम 10 का स्तर 204 और पीएम 2.5 का स्तर 122 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है। इससे एक दिन पहले पीएम 10 का स्तर 175 और पीएम 2.5 का स्तर 101 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा था।
सफर के अनुसार, वेंटीलेशन इंडेक्स और हवा की गति धीमी होने की वजह से प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी के नजदीक पहुंचा है। आगामी 2 दिनों में भी इसी प्रकार की स्थिति रहने वाली है। इसके बाद वेंटिलेशन इंडेक्स में सुधार और हवा की गति बढ़ने की वजह से हवा की स्थिति में भी सुधार होने की संभावना बनी हुई है।
दिल्ली- एनसीआर के आंकड़े
फरीदाबाद 214
गाजियाबाद 304
ग्रेटर नोएडा 297
गुरुग्राम 224
नोएडा 288