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दिल्ली के बड़े अस्पतालों में रद्द हो रहे ऑपरेशन, प्रदूषण का यहां भी हो रहा असर

Fri, 02 Nov 2018 01:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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delhi pollution - फोटो : पीटीआई
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हर साल प्रदूषण की वजह से दिल्ली के बड़े अस्पतालों में रद्द होने वाली पूर्वनियोजित सर्जरियों की संख्या इस बार तीन गुनी हो गई है। दरअसल इसकी वजह है गले और फेफड़ों में प्रदूषण की वजह से इंफेक्शन होना, जिसके कारण सर्जरी से पहले दी जाने वाली एनेस्थीसिया में दिक्कत होती है। डॉक्टरों के अनुसार प्रदूषण से सांस की नली और छाती में हुए संक्रमण, अस्थमा व अन्य सांस की बीमारियों की वजह से एनेस्थीसिया देना मुश्किल हो जाता है।

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डॉक्टर बताते हैं कि इसकी वजह से सबसे ज्यादा 15 साल से कम उम्र के बच्चे और 60 से अधिक उम्र के लोग प्रभावित होते हैं। एम्स के एनेस्थीसिया के प्रोफेसर एस. राजेश्वरी का कहना है कि अगर हम सिर्फ बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग की बात करें तो हर महीने 100-120 बच्चे आते हैं। गर्मियों में 5-7 सर्जरी सांस लेने वाली बीमारियों की वजह से कैंसिल हुई थीं। लेकिन जब प्रदूषण बढ़ता है तो यह आंकड़ा सीधे 15-20 पर पहुंच जाता है।  

ऐसा ही हाल दिल्ली के दूसरे बड़े अस्पताल सफदरजंग का भी है। यहां के डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में तापमान गिरने की वजह से इंफेक्शन लगने का ज्यादा खतरा होता है। यही वजह है कि सर्जरियां रद्द कर दी जाती हैं।
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सांस लेने में परेशानी और एलर्जी  की वजह से रोगी ठीक से सांस नहीं ले पाता क्योंकि उसके ब्रॉन्काई मसल में परेशानी आती है और बेहोशी(एनस्थीसिया) में सांस की दिक्कत होती है और इलाज मुश्किल हो जाता है। यही नहीं इस दौरान शरीर के अंदर और बाहर ऑक्सीजन और कार्बन डाई ऑक्साइड पहुंचाने वाली नलियों में भी कम हवा पहुंचती है, जो सर्जरी के दौरान घातक हो सकता है।

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