हवा की चाल तेज होते ही दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, एक दिन में वायु गुणवत्ता सूचकांक में 98 अंकों का सुधार आने के बाद भी मंगलवार को हवा बेहद खराब रही।
सिस्टम ऑफ एयर क्वॉलिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) का आकलन है कि फिलहाल के मौसम में सबसे प्रभावी भूमिका हवा की रफ्तार अदा कर रही है।
दिवाली पर बुधवार शाम तक आबोहवा की गुणवत्ता कमोवेश स्थिर रहेगी। इसके बाद तेजी से गिरावट आ सकती है। आगे शुक्रवार शाम तक वायु की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर रहने का अंदाजा सफर से लगाया है।
इससे पहले सोमवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई। सूचकांक 426 अंक पर पहुंच गया था। सबसे ज्यादा प्रदूषण पराली जनित था।
मंगलवार को भी हवा की दिशा पंजाब व हरियाणा की तरफ से दिल्ली की तरफ रही, लेकिन सोमवार की अपेक्षा हवा की रफ्तार तेज होने से प्रदूषक दिल्ली में टिक नहीं सके।
इससे प्रदूषण के स्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक 426 से घटकर 338 पर पहुंच गया। दिलचस्प यह कि पराली जलाने से पैदा हुए प्रदूषकों की मात्रा मंगलवार को 9 फीसदी के करीब थी, जबकि सोमवार को यह 29 फीसदी थी।
सफर का आकलन है कि मौसमी दशाएं एक सी रहने पर बुधवार शाम तक प्रदूषण का स्तर कमोवेश मंगलवार जैसा ही रहेगा। दिवाली की पटाखेबाजी से वायु प्रदूषण तेजी से एक बार फिर बढ़ेगा।
सफर का कहना है कि बृहस्पतिवार को मौसमी दशाएं भी खराब होंगी। 8 नवंबर की सुबह हवा धीमी रहने के साथ कोहरा भी पड़ेगा। पटाखेबाजी और खराब मौसमी दशाओं का सीधा असर वायु की गुणवत्ता पर पड़ेगा। इससे सूचकांक बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच जाएगा। सफर का कहना है कि पटाखेबाजी न होने की स्थिति में भी वायु की गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब रहेगा।
50 फीसदी पटाखेबाजी से भी स्तर खतरनाक
सफर का अनुमान है कि अगर पिछले साल की दिवाली की तुलना में 50 फीसदी पटाखेबाजी हुई, तो वायु गुणवत्ता का स्तर खतरनाक रहेगा। इसका असर अगले दो दिन तक रहेगा। शुक्रवार से पहले आबोहवा बेहतर होने की उम्मीद नहीं है। वहीं, पटाखेबाजी न होने की हालत में हवा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। फिर भी सूचकांक बेहद खराब स्तर पर बना रहेगा। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा धूल के महीने कणों पीएम 10 व पीएम 2.5 का होगा।
पटाखेबाजी से परहेज करें : पर्यावरण मंत्री
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने दिल्ली वालों से अपील की है कि इस बार पटाखामुक्त दिवाली मनाएं। इमरान हुसैन का कहना है कि फिलहाल दिल्ली में हवा बेहद खराब है। इसका सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में उनकी सलाह है कि अपनी सेहत के लिए दिल्ली वालों को पटाखेबाजी से परहेज करना चाहिए।
रातभर खराब रहा वातावरण, दोपहर बाद हुआ साफ
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में मंगलवार की शुरुआत बेहद खराब वायु गुणवत्ता से हुई लेकिन तेज धूप और हवाओं के कारण वातावरण धीरे धीरे इतना साफ हुआ कि शाम तक यहां की वायु शुद्धता स्तर के करीब आ गई। सुबह सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे नगरवासियों ने दोपहर बाद खुल कर सांस ली। वातावरण साफ होने के कारण लोगों ने भी बाजार में दिवाली की खरीदारी करने में ज्यादा समय व्यतीत किया।
शहर में सोमवार को दिनभर छाई रही धुंध मंगलवार सुबह छह बजे तक बनी रही। धुंध के कारण औद्योगिक नगरी के वातावरण में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की दर रात भर 362 से 456 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर की खतरनाक दर पर बनी रही।
मंगलवार सुबह छह बजे भी पीएम 2.5 की मात्रा 437 तक बनी रही। सुबह से ही हल्की हवाएं भी चल रही थीं और सूरज ने भी तपिश के साथ आमद दर्ज कराई। इसका असर वातावरण साफ होने में दिखाई दिया।
पीएम 2.5 की मात्रा सुबह आठ बजे से घटनी शुरू हुई जो दोपहर बारह बजे 394 और दो बजे 197 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर के मॉडरेट स्तर पर पहुंच गई। दोपहर बाद तीन बजे पीएम 2.5 की मात्रा घट कर 80 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर यानी संतुष्टिजनक स्तर पर पहुंच गई।
सूरज भी दिन भर धूप और तपिश देता रहा और हवाएं भी हल्की तेज होकर चलती रहीं। इससे औद्योगिक नगरी का वातावरण शाम तक शुद्ध के करीब पहुंच गया।
अच्छा मौसम और वातावरण साफ होने पर मंगलवार को लोग दिवाली की खरीदारी करने के लिए बाजारों में उमड़ पड़े। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि धूप निकलने और हवाएं चलने के कारण वातावरण में घुले पीएम 2.5 कण डिस्पर्स हो गए इस कारण वायु गुणवत्ता में सुधार आया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिवाली के बाद भी हवाएं चलती रहेंगी इससे दिल्ली एनसीआर का वातावरण साफ होने में मदद मिलेगी।