ravidas temple tughlaqabad (File photo)
- फोटो : कुमार संजय
तुगलकाबाद वन क्षेत्र में टूटे रविदास मंदिर मामले पर अभी तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस, तीनों प्रमुख दलों के इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख के बाद भी मंदिर के लिए नई जगह मिलने की गतिविधि आगे नहीं बढ़ सकी है। इस मुद्दे पर डीडीए के रुख से निराश दलित संगठनों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है।
दलित नेताओं ने चेतावनी वाले अंदाज में कहा है कि अगर पांच सितंबर तक मंदिर के लिए जगह नहीं दी जाती है तो वे राष्ट्रव्यापी स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके पहले एक अन्य संगठन ने शीघ्र ही भारत बंद की भी चेतावनी दी है। दलित चिंतक अशोक भारती ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि करोड़ों दलितों की भावनाएं सरकार के लिए कोई मायने नहीं रखती हैं।
दलित समाज का इस मुद्दे पर सांकेतिक धरना 30 अगस्त से लगातार जारी है। लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी सरकार कोई सकारात्मक कदम उठाने को तैयार नहीं है। अगर उसका यही अड़ियल रुख बना रहता है तो वे अपना विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए बाध्य होंगे।
दलित नेताओं की मांग है कि रविदास मंदिर के लिए जमीन उन्हें मुहैया कराई जाए। इसके अलावा मंदिर टूटने के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान जिन युवकों को हिरासत में लिया गया है, उनको तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही उन पर लादे गए मुकदमे वापस लिए जाएं।