‘साइहॉक 5.0’ अभियान के तहत 21 राज्यों में एक साथ मारे छापे, 7,000 से अधिक संदिग्ध हिरासत में
फर्जी बैंक खातों, धोखाधड़ी केंद्रों और हानिकारक मोबाइल ऐप गिरोहों पर शिकंजा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाते हुए देशभर में 916 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ‘साइहॉक 5.0’ नामक यह अभियान 16 से 18 जून के बीच 48 घंटे तक चला, जिसमें 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ छापे मारे गए। इस दौरान 7,189 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जबकि 691 लोगों को पाबंद किया गया।
इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) के संयुक्त पुलिस आयुक्त रजनीश गुप्ता ने बताया कि अभियान के दौरान 481 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि साइबर अपराध से जुड़े 410 पुराने मामलों में भी कार्रवाई की गई। इन मामलों में ठगी गई कुल राशि करीब 700 करोड़ रुपये आंकी गई है। अभियान में दिल्ली पुलिस के सभी 15 जिलों, अपराध शाखा, रेलवे पुलिस, मेट्रो इकाई और आईएफएसओ की 715 टीमों के 2,374 पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराध की दो प्रमुख कड़ियों-फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) और हानिकारक एपीके फाइल के नेटवर्क को ध्वस्त करना था। जांच में ऐसे 3,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जो साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों के संचालन से जुड़े थे। इन खातों से संबंधित 2,300 से अधिक शिकायतों का भी पता चला।
पुलिस ने उन गिरोहों पर भी कार्रवाई की जो बिजली बिल, वाहन पंजीकरण और अन्य सेवाओं के नाम पर लोगों को हानिकारक एपीके फाइल भेजते थे। इन्हें डाउनलोड करते ही ठग गुप्त रूप से ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते थे और बैंक खातों से धन निकाल लेते थे।
अभियान के दौरान नौकरी, मॉडलिंग, बीमा और ज्योतिष सेवाओं के नाम पर चल रहे कई फर्जी कॉल सेंटरों का भी भंडाफोड़ किया गया। विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहायता घोटालों से जुड़े केंद्र भी पकड़े गए। छापेमारी में 760 मोबाइल फोन, 820 सिम कार्ड, 228 एटीएम कार्ड, 247 बैंक किट और पासबुक, 104 कंप्यूटर व लैपटॉप, 323 आधार कार्ड तथा 21.72 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा एक लग्जरी एसयूवी और 11 बिक्री केंद्र (पीओएस) मशीनें भी जब्त की गईं।
चार बैंक कर्मी भी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान दिल्ली में चार बैंक कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया। इनमें नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और एक्सिस बैंक से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन कर फर्जी बैंक खाते खुलवाने, साइबर ठगी की रकम के लेन-देन और धन शोधन में मदद की।
नाइजीरिया के दो नागरिक देश से निष्कासित
पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी में शामिल नाइजीरिया के दो नागरिकों की पहचान कर उन्हें देश से निष्कासित भी किया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह अभियान साइबर अपराध के वित्तीय और तकनीकी ढांचे को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में भी ऐसे समन्वित अभियान जारी रहेंगे।