सिग्नेचर ब्रिज पर पेट्रोलिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने बीच यमुना में एक शख्स के चिल्लाने की आवाज सुनी। गौर से देखने पर पता चला कि कोई यमुना में डूब रहा है। पुलिस कर्मियों ने ठंड और जान की परवाह किए बगैर यमुना में छलांग लगा दी। इस बीच दूसरे पुलिस कर्मियों ने नजदीकी बोट क्लब से मदद भी मांग ली। चंद ही मिनटों में बोट की मदद भी आ गई।
पुलिस कर्मियों और बोट क्लब के लोगों ने मिलकर अधेड़ को यमुना से निकाल लिया। बाद में उन्हें परिवार के हवाले कर दिया गया। जांच के दौरान पता चला है कि वह पिछले कुछ दिनों से परेशान थे। पुलिस ने उन्हें परिजनों के हवाले कर दिया है। अधेड़ संतोष (55) यमुना में कूदे या गिरे फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो पाया है। तिमारपुर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त अंटो अल्फोंस ने बताया कि बुधवार रात को तिमारपुर थाने में तैनात एएसआई मनोज, हवलदार मनोज व सिपाही अनिल सिग्नेचर ब्रिज के पास गश्त कर रहे थे। इस बीच रात नौ बजे उन्होंने यमुना के बीचों-बीच किसी के चिलाने की आवाज सुनी। तुरंत हवलदार मनोज और अनिल ने जान की परवाह किए बैगर यमुना में छलांग लगा दी। एएसआई मनोज ने बोट क्लब से मदद मांगी।
कुछ ही देर बाद 55 वर्षीय संतोष को पानी से निकालकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनको प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। बाद में संतोष की बेटी राधा को सूचित किया गया। राधा ने बताया कि उसके पिता पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रहे हैं। परिजन पुलिस कर्मियों का धन्यवाद करते नहीं थक रहे थे।