किसान पिछले 15 दिनों से दिल्ली के बॉर्डरों पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। मगर सरकार बीच का रास्ता निकालने में जुटी है। केंद्र सरकार ने किसानों की 15 में से 12 मांगों पर सहमती भी जता दी है।
अब किसानों ने नया दाव चला है। किसानों ने एलान किया है कि अब वो जियो की सिम समेत रिलांयस कंपनी के सभी सामानों का बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही वे अब अडानी-अंबानी के पेट्रोल पंप का भी बहिष्कार करेंगे। दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों ने केंद्र सरकार के सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। कई दौर की केंद्र सरकार के साथ चली वार्ताओं के बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने अपने आंदोलन को तेज करने का एलान किया है।
किसान तीनों कानून का रद्द करने से पहले अपना आंदोलन वापस लेने को तैयार नहीं है। तीनों कृषि कानूनों को कॉरपोरेट घराने के लिए फायदेमंद बता रहे किसानों ने जियो के मोबाइल सिम के बहिष्कार का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि पहले ही कॉरपोरेट्स को सभी तरह से फायदा मिल रहा है। सरकार भले ही उनकी मांगे मानने में देर कर रही है, लेकिन उन्होंने कॉरपोरेट्स का बहिष्कार की शुरुआत जियो के सिम न लेने के फैसले से कर दी है।
किसानों संगठनों का कहना है कि आंदोलन के अगले चरण में किसान 12 दिसंबर को देश भर के सभी टोल प्लाजा को फ्री (पर्ची मुक्त) कर देंगे। वहीं, 14 दिसंबर को देश के सभी जिलों में किसानों ने धरना प्रदर्शन का फैसला लिया है। किसानों का आरोप है कि छह दौर की वार्ता के बाद भी जब प्रस्ताव में उन बातों को शामिल किया जा रहा है, जिसपर किसानों को एतराज है। इसका मतलब यह है कि सरकार की तरफ से अभी भी किसान हितों की अनदेखी की जा रही है।