मुख्यमंत्री पर हमला होने की सूचना मिलने के मामले में दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार आमने-सामने हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को करीब एक वर्ष पहले भी धमकी भरा फोन आया था। तब उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी गई थी। उस समय भी मुख्यमंत्री आवास के लैंडलाइन नंबर पर आईडी डिवाइस नहीं थी। दिल्ली पुलिस ने इसे सुरक्षा में बड़ी लापरवाही बताया था। दिल्ली पुलिस मुख्यालय से तभी मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर लैंडलाइन नंबर पर कॉलर आईडी लगवाने को कहा गया था। अब तक मुख्यमंत्री आवास ने इस सलाह पर अमल नहीं किया है।
उत्तरी जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोमवर सुबह मुख्यमंत्री आवास पर फोन आया था। दिल्ली पुलिस एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास में कॉलर आईडी लगवाने के लिए उनके कार्यालय को पत्र लिख रही है। उत्तरी जिला पुलिस ने पत्र दिल्ली पुलिस मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉलर आईडी से कॉल करने वाला आसानी से पकड़ा जा सकता था। यह भी गौर करने वाली बात है कि फोन करने वाले को यह कैसे पता कि मुख्यमंत्री आवास के लैंडलाइन नंबर पर कॉलर आईडी नहीं लगी है। पुलिस अधिकारी इसे अरविंदा केजरीवाल की सुरक्षा में भारी लापरवाही बता रहे हैं।
दूसरी ओर, दिल्ली सरकार का कहना है कि लैंडलाइन नंबर पर कॉलर आईडी लगवाने के लिए मई में दिल्ली सरकार के ही सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा गया था। उसने अब तक इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि यह बात समझ से परे है कि मुख्यमंत्री आवास पर लगे टेलीफोन नंबरों पर कॉलर आईडी क्यों नहीं लगवाई गई है। यह भी संभव है इसे जानबूझकर नहीं लगवाया जा रहा हो। दूसरी तरफ, सोमवार सुबह धमकी भरा फोन आने के बाद सोमवार देर रात तक मुख्यमंत्री कार्यालय व आवास से दिल्ली पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई थी। उत्तरी जिला पुलिस अधिकारियों का कहना था कि जब मुख्यमंत्री आवास की तरफ से कोई शिकायत आएगी, तभी मामला दर्ज किया जाएगा।