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भारती से ज्यादा डॉन से पूछताछ के लिए परेशान है दिल्ली पुलिस

Wed, 30 Sep 2015 05:39 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री और आप विधायक सोमनाथ भारती लंबे समय तक पुलिस से भागते फिरने के बाद फिलहाल हिरासत में है।
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गौरतलब है कि उनकी लिपिका मित्रा ने उनपर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया है, जिसकी वजह से वो आज सलाखों के पीछे हैं और इस मामले में उनके कुत्ते डॉन की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है।

बता दें कि भारती के अपने आप को पुलिस के हवाले करने के बाद मंगलवार को कोर्ट में उनकी पहली पेशी थी।

'डॉन का परीक्षण है बहुत जरूरी'

कोर्ट में सुनवाई के दौरान मंगलवार को पुलिस ने मेट्रोपॉलिटन जज मनिका से कहा कि भारती की मौजूदगी में डॉन का परीक्षण किया जाना बहुत जरूरी है।

लिपिका का आरोप है कि भारती के कहने पर ही डॉन ने उन्हें तब काटा था जब वो सात माह की गर्भवती थीं। लिपिका के वकील शैलेंद्र बब्बर ने कहा कि, 'कुत्ता अपने मालिक की बात मानता है।'

'इस मामले में हमारे पास ऐसी तस्वीरें हैं जो बताती हैं कि डॉन ने लिपिका पर हमला किया था। हम यह देखना चाहते हैं कि क्या डॉन भारती का कहा मानता है और क्या वह किसी को काट सकता है।'

'...फिर ना कहें डॉन बूढ़ा हो गया है'

बब्बर आगे बोले कि पुलिस निरीक्षण करते वक्त जानवरों के डॉक्टरों की भी मदद ले सकती है क्योंकि डॉन बूढ़ा हो गया है।

उन्होंने ये भी कह दिया कि हम बाद में बचाव पक्ष से ये नहीं सुनना चाहते कि डॉन बूढ़ा हो गया है और किसी पर हमला नहीं कर सकता।

वहीं दूसरी तरफ भारती के वकील ने भारती को पुलिस हिरासत में रखे जाने का विरोध करने के साथ ही कभी भी डॉन का परीक्षण करने की बात कही।
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'दिल्ली पुलिस के पास है जादुई छड़ी तो चला लें'

भारती के वकील बोले कि, 'भारती न तो जानवरों के डॉक्टर हैं न ही उनके पास कोई जादू की छड़ी जिससे डॉन बोलने लगे। अगर दिल्ली पुलिस के पास ऐसी कोई तकनीक है तो वो जब चाहें तब डॉन की जांच कर सकते हैं।'

इसके लिए सोमनाथ की कोई जरूरत नहीं है। भारती के वकील की इस दलील को बब्बर ने ये कहकर काट दिया कि डॉन का परीक्षण किया जाना ऐसा मुद्दा नहीं है जिसका मजाक बनाया जा सकता है।

पुलिस ने 5 दिनों के लिए भारती को हिरासत में रखे जाने की मांग की। पुलिस का कहना था कि जांच से जुड़ी कई जरूरी चीजों के लिए भआरती का हिरासत में रखा जाना जरूरी है।

लिपिका पर जिस चाकू से हमला किया गया था पुलिस उसे भी अपने कब्जे में लेना चाहती है। साथ ही, लिपिका के गहने भई पुलिस तलाश कर रही है। भारती के वकील का इस पर कहना है कि लिपिका अपने सारे गहने लेकर 2010 में ही चली गई थी।
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