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Delhi: साइबर ठगों को उपलब्ध करवा रहा था म्यूल अकाउंट, गिरफ्तार; 24.49 लाख रुपये की ठगी की गुत्थी सुलझी

Tue, 09 Sep 2025 04:10 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिये देश के साथ-साथ विदेश के साइबर ठगों के संपर्क में था। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल बरामद किए है। इनमें 50 से अधिक साइबर ठगों से उसकी संदिग्ध चैट मिली है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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शाहदरा जिला पुलिस ने 24.49 लाख की साइबर ठगी में एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। साइबर थाना पुलिस ने सत्यम कुलश्रेष्ठ उर्फ सैम को म्यूल अकांउट उपलब्ध करवाने के आरोप में गुरुग्राम सेक्टर-11 से गिरफ्तार किया है। आरोपी आवेश कॉलोनी, आगरा का निवासी है।

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आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिये देश के साथ-साथ विदेश के साइबर ठगों के संपर्क में था। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल बरामद किए है। इनमें 50 से अधिक साइबर ठगों से उसकी संदिग्ध चैट मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी साइबर ठगों को सैकड़ों म्यूल अकाउंट उपलब्ध करवा चुका है।

इन खातों में करोड़ों रुपये की रकम को ठिकाने लगाया जा चुका है। आरोपी सत्यम भोले-भाले लोगों को चीनी ऑनलाइन गेमिंग कंपनी के लिए बैंक खाता खुलवाने का झांसा देकर खाता ले लेता था। बदले में पीड़ितों को साढ़े तीन से साढ़े चार फीसदी तक कमीशन दिया जाता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
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ऐसे की थी 24.49 लाख की ठगी
शाहदरा निवासी शिकायतकर्ता की दोस्ती नेहा शर्मा नामक एक युवती से ऑनलाइट एप के जरिये हुई। बातचीत के दौरान नेहा ने पीड़ित से एक निजी कंपनी के जरिये निवेश करने के लिए कहा। पीड़ित को पहले व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया। पीड़ित ने शुरुआत में आठ लाख रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद उसके खाते में मोटा मुनाफा दिखने लगा। बाद में पीड़ित से अलग-अलग समय पर 10, 5 और डेढ़ लाख रुपये निवेश करवा लिए। इसके बाद पीड़ित ने जब अपनी रकम को निकालने का प्रयास किया तो पीड़ित से साढ़े सात लाख रुपये की डिमांड की गई। नेहा से बातचीत करने की कोशिश की गई तो उसने पीड़ित को ब्लाक कर दिया। मामले की शिकायत पुलिस से की गई।

गुरुग्राम से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने ठगी की रकम को कई खातों में घुमाकर एक अज्ञात खाते में भेजा है। पुलिस ने पहले खाते की पड़ताल की। जांच में पता चला कि यह एक म्यूल अकांउट था। पुलिस उसके मालिक तक पहुंची तो पता चला कि उसने सैम को खाता उपलब्ध करवाया था। पुलिस ने सैम का पता लगाने का प्रयास किया। बाद में टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपी को गुरुग्राम सेक्टर 11 से दबोच लिया गया। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। उसमें देश-विदेश के 50 से अधिक साइबर ठगों से चैट मिला। उसके आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी ने सैकड़ों बैंक खाते उपलब्ध
करवाए हैं।

बीएससी पास है आरोपी सत्यम उर्फ सैम
सत्यम ने आगरा यूनिवर्सिटी से बीएससी की हुई है। इसके पिता सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद सत्यम ने कई छोटी-मोटी नौकरी शुरू की। बाद में उसने टिफिन सर्विस शुरू की। इसमें उसको खासा घाटा हुआ। इस बीच उसे उसका पुराना सहपाठी मिला। उसने सत्यम से म्यूल अकाउंट का इंतजाम करने के लिए कहा। बाद में सत्यम ने फर्जी तरीके से व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर सैम के नाम से आईडी बनाई। इसके बाद वह अपने जानकार व अन्य लोगों को चीनी ऑनलाइन गेमिंग कंपनी के लिए खाते खुलवाने का झांसा देकर बैंक खाते लेने लगा। इसके बदले वह लोगों को कमीशन देता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

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