द्वारका में महिलाओं से छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें करने वाला दिल्ली पुलिस का पूर्व एसआई पुनीत ग्रेवाल कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस की गिरफ्त में आया था। द्वारका पुलिस ने दिल्ली में मौजूद 286 बलेनो गाड़ियों की डिटेल खंगाली थी। करीब 500 वर्कशॉप को भी खंगाला गया था। करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर आरोपी के रूट की पहचान की गई। पता लगा कि गाड़ी जनकपुरी की तरफ से आती है। आरोपी ने वारदात के बाद कार बेच दी थी। पुनीत ग्रेवाल शराब पीने का आदि है।
द्वारका पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व एसआई पुनीत ग्रेवाल ने द्वारका में 17 अक्तूबर को तीन महिलाओं से छेड़छाड़ की थी। इनमें से एक समाजसेवी थी। इसी ने ही सोशल मीडिया पर अपनी साथ हुई घटना को रखा था। घटना के दौरान एक महिला ने पत्थर मारकर आरोपी पुनीत ग्रेवाल की गाड़ी का पिछला शीशा तोड़ दिया था। सीसीटीवी फुटेज में गाड़ी का टूटा हुआ शीशा दिखाई दे रहा था। आरोपी 22 अक्तूबर को फिर उसी जगह पहुंचा था, तो आरोपी की गाड़ी पर नया शीशा लगा हुआ था। इससे पुलिस को ये पता लगा कि आरोपी ने कहीं पर गाड़ी का शीशा बदलवाया है।
ऐसे में द्वारका जिले की कई टीमों ने वर्कशॉप को खंगालना शुरू किया। इसके अलावा द्वारका पुलिस ने दिल्ली में मौजूद सभी बेलेनो गाड़ियों की डिटेल खंगाली। एक गाड़ी आरोपी की पत्नी के नाम रजिस्टर्ड मिली। इसके बाद आरोपी की गाड़ी को अशोक विहार से जब्त कर लिया। आरोपी ने नंबर प्लेट पर केवल डीएल लिखा हुआ था। एसआई पुनीत ग्रेवाल ने घटनाओं के बाद गाड़ी को बेच दिया था और 20 हजार रुपये एडवांस में ले लिए थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 17 अक्तूबर को तीन महिलाओं से छेड़छाड़ की गई थी। इनमें से एक महिला ने 100 नंबर पर कॉल की थी। हालांकि महिला ने शुरू में पुलिस को शिकायत नहीं दी थी। पुलिस ने डीडी इंट्री पर पर्चा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। द्वारका पुलिस अब सीआरपीसी की धारा-164 के तहत पीड़िताओं के बयान दर्ज करा रही है। दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने एसआई पुनीत ग्रेवाल को सोमवार शाम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।
आरोपी की जमानत का विरोध करें : महासंघ
दिल्ली पुलिस महासंघ ने द्वारका पुलिस की जांच की तारीफ की है। महासंघ के अध्यक्ष व दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड एसीपी वेदभूषण ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि आरोपी की जमानत का विरोध किया जाए और उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के प्रयास किए जाएं। महासंघ का कहना है कि आरोपी की वजह से दिल्ली पुलिस की छवि खराब हुई है।