जामिया नगर व आसपास के इलाकों में देर रात तक तनाव बना हुआ था। दिल्ली के सभी सीनियर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। दिल्ली पुलिस ने गोली चलाने की बात से इनकार करते हुए लोगों से शांति बनाने और किसी तरह की अफवाह न फैलाने की अपील की है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने तैयारियों के साथ पथराव व हिंसा की है। हालांकि, छात्रों को गोली लगने की कही जा रही थी, मगर दिल्ली पुलिस ने इस बात से इंकार किया है। देर रात शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकाला।
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल ने हिंसा के बाद दिए बयान में कहा है कि जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी के छात्र आदि लोग कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे। रविवार को भी छात्रों के कुछ ग्रुप ने प्रदर्शन किया।
दिल्ली पुलिस इन छात्रों का सहयोग कर रही थी। शाम करीब चार बजे सराय जुलैना की तरफ से डेढ़ से दो हजार छात्र आए और मथुरा रोड पर जाम लगाना शुरू किया। छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की तो उन्होंने पथराव और बसों में तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया। छात्रों को पीछे हटाने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया।
दक्षिणी परिक्षेत्र के संयुक्त पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव ने रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे बताया कि प्रदर्शनकारियों की तरफ से पथराव किया गया। पेट्रोल बम फेंके गए। प्रदर्शनकारी काफी उग्र थे।
सरकारी वाहनों, प्राइवेट वाहन, बस और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त का कहना था कि गोली चलने व छात्रों को गोली लगने की बात देर रात तक उनकी संज्ञान में नहीं आई थी। देर रात तक हालात नियंत्रण में थे।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मंदीप सिंह रंघावा का कहना था कि सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। हालात शांतिपूर्ण व नियंत्रण में हैं। उन्होंने लोगों से शांति बनाने की अपील की थी। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि पुलिस ने स्कूलों को बंद करने का आग्रह किया है। प्रदर्शनकारियों द्वारा बटला हाउस पर पुलिस बूथ को जलाने की बात कही जा रही है। छात्र की मौत महज अफवाह है।
तोड़फोड़ के साथ बसों में लूटपाट भी की
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने एक तरफ जहां बसों में तोड़फोड़ की वहीं यात्रियों से लूटपाट भी की। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बात की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। इस बात की जांच की जा रही है।
कितने प्रर्दशनकारी घायल हुए हैं जानकारी नहीं
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि देर रात तक इस बात की जानकारी नहीं मिली थी कि कितने प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस को प्रदर्शनकारियों के घायल होने की जानकारी देर रात तक नहीं मिली थी। पुलिस अधिकारी आंसू गैस व हल्के बल के प्रयोग की बात कर रहे हैं।