दिल्ली पुलिस को एक 35 वर्षीय जमाती उत्तरी जिले में घूमता हुआ मिला, जबकि प्रशासन ने उसकी रिपोर्ट दी थी कि वह अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने उसकी मोबाइल डिटेल खंगाली तो पता चला कि वह अस्पताल में भर्ती न होकर मजनूं का टीला व उसके आसपास के इलाके में घूम रहा है। वह अपने घर और तलाकशुदा पत्नी के पास भी गया।
पुलिस ने आरोपी को उसके घर पहुंचकर पकड़ लिया। उसके परिवार के करीब 11 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। यह जमाती 10 मार्च के आसपास निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात में गया था। पुलिस को जमातियों के मोबाइल नंबर खंगालने पर कुछ इस तरह के केस मिल रहे हैं। पुलिस अब हर जमाती की डिटेल खंगालकर उसकी रिपोर्ट बना रही है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस समेत देश की अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज में गए जमातियों व उसके संपर्क में आए लोगों को ढूंढने के अभियान को और तेज कर दिया है। इसके लिए दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अलावा स्पेशल सेल, स्पेशल ब्रांच व आर्थिक अपराध शाखा समेत अन्य यूनिटों को भी लगाया गया है। हर रोज सैकड़ों मोबाइल नंबरों को खंगाला जा रहा है।
इन यूनिटों में तैनात पुलिसकर्मियों को प्रतिदिन 10 से 15 जमातियों के नंबर दिए जाते हैं, जो जमातियों से बात करते हैं। उससे पूछते हैं कि वह कब मरकज में गया था, कहां रहता है, मरकज के बाद कहां गया था, किन-किन लोगों के संपर्क में आया था। इस तरह पुलिस जमाती की आखिरी चेन का पता किया जा रहा है। इसके बाद रिपोर्ट तैयार करते हैं। इसके बाद सीनियर पुलिस अधिकारी रिपोर्ट को गृह मंत्रालय भेज देते हैं, जहां से संबंधित राज्यों को वह रिपोर्ट भेजी जाती है।
यदि जमाती फोन पर सही जवाब नहीं देता उसके लिए पत्र लिखा जाता है और गृह मंत्रालय द्वारा संबंधित प्रशासन को सूचना दी जाती है। दिल्ली में है तो स्थानीय थाना पुलिस को सूचना दी जाती है। स्थानीय पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी तक काफी जमाती नहीं मिले हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।