क्या है मामला?
यह पूरा मामला एक महिला की कथित मॉर्फ्ड और डीपफेक तस्वीर से जुड़ा है। याचिका के अनुसार, जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला की निजी तस्वीर का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया और एआई फेस-स्वैपिंग टूल की मदद से उसके चेहरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक आपत्तिजनक तस्वीर पर मॉर्फ कर दिया गया था। महिला ने आरोप लगाया है कि इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर फैलाया गया और उसे जान से मारने की धमकियां भी मिल रही। मामले में एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है।
महिला ने क्या आरोप लगाए है?
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर महिला की निजी तस्वीर का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया। याचिकाकर्ता का कहना था कि एआई फेस-स्वैपिंग टूल की मदद से महिला के चेहरे को प्रधानमंत्री के साथ एक बेहद अश्लील तस्वीर पर मॉर्फ किया गया था। इसके बाद कथित तौर पर इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था। महिला ने कोर्ट से ऐसी मनगढ़ंत और डीपफेक तस्वीरों को हटाने की मांग की थी।