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सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस का पहला बयान आया सामने, प्रोटेस्ट की नहीं थी इजाजत; नहीं हुआ कानून का पालन

Sun, 11 Oct 2026 04:16 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रदर्शन के दौरान की गई गिरफ्तारियों और एहतियाती कदमों पर पुलिस अपना पक्ष रख सकती है। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस क्या कहती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।   
 
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डीसीपी पीआरओ नेहा यादव - फोटो : ANI
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विस्तार
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राजधानी दिल्ली में 10 अक्तूबर को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन, नेताओं को हिरासत में लेने और कानून-व्यवस्था के हालात को लेकर दिल्ली पुलिस ने रविवार को पहली बार अपना आधिकारिक बयान दिया। दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आज शाम एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई।

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सीजेपी ने नहीं किया कानून का पालन
डीसीपी पीआरओ नेहा यादव ने जानकारी दी कि दिल्ली में सीजेपी को प्रदर्शन की इजाजत नहीं थी। सीजेपी ने कानून का पालन नहीं किया। वहीं दिल्ली पुलिस ने बताया कि जैसे ही हमें अभिजीत दिपके की दादी के निधन की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत उनसे संपर्क किया और संवेदना व्यक्त की। पुलिस की ओर से उन्हें भरोसा दिलाया गया कि यदि वह घर जाना चाहते हैं या उन्हें किसी भी प्रकार की सहायता की जरूरत है, तो दिल्ली पुलिस हर संभव मदद के लिए तैयार है।

पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें घर जाने के लिए फ्लाइट या बस की व्यवस्था में मदद चाहिए। इसके अलावा, यदि वह अपने माता-पिता या परिवार के किसी अन्य सदस्य से बात करना चाहते हैं, तो पुलिस उनकी बात भी करवा सकती है। नेहा यादव ने कहा कि उन्हें किसी भी तरह की सुविधा या सहायता की जरूरत हो, तो वह बेझिझक बता सकते हैं। 
लेकिन अभिजीत दीपके ने मना कर दिया।

सीजेपी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसमें सीजेपी के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। आशुतोष रांका ने कहा कि पिछले 72 घंटों में देश में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिनकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी देश को बचाने और आगे बढ़ाने की है लेकिन वह समझौता कर चुका है। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा को जिताने के लिए काम कर रहे हैं।

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'मोदी-शाह ने चुनाव आयोग की लड़ाई को अपने खिलाफ बना लिया'
आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी पार्टी का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ था, लेकिन अब यह लड़ाई केंद्र सरकार के खिलाफ होती जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार किसी भी कीमत पर ज्ञानेश कुमार को बचाना चाहती है।
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