समय बीता और सब कुछ पहले की तरह हो गया। राजेंद्र नगर में हुए हादसे के बाद अब पुलिस एक्शन मोड में दिख रही है। मध्य जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने करोल बाग, राजेंद्र नगर, पटेल नगर और रणजीत नगर थाना प्रभारियों को अपने एरिया में बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी की लिस्ट तैयार करने को कहा है।
ऐसे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी की पहचान करने के बाद पुलिस इसकी जानकारी दिल्ली नगर निगम और जिला अधिकारियों को देगी। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचने के लिए पुलिस संबंधित एजेंसियों को अवैध रूप से चलने वाले कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी के खिलाफ एक्शन लेने के लिए कहेगी।
फिलहाल करीब 65 ऐसे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी की पहचान भी कर ली गई, जहां नियमों को ताक में रखकर छात्रों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। हालांकि हादसे के बाद एमसीडी ने खुद ही ऐसे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी की पहचान कर उनके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोचिंग सेंटरों में सुधार के लिए काम करने वाली निजी संस्था के अधिकारी बीएन झा ने बताया कि यह सब कार्रवाई दिखावे के लिए की जा रही है। समय बीतने के साथ सब भूल जाएंगे। सरकार और प्रशासन को कुछ ऐसी व्यवस्था कायम करना चाहिए जिससे इन कोचिंग सेंटर संचालकों के मन में कानून का डर रहे और वह नियमों का पालन करें।