प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जंतर-मंतर पर कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग लड़की द्वारा कथित तौर पर की गई अभद्र टिप्पणी के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि इस मामले में अभी तक कोई रेगुलर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में नियमित एफआईआर दर्ज करने को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
दिल्ली पुलिस का यह स्पष्टीकरण सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों के बीच आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि नाबालिग लड़की के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ले ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में नियमित एफआईआर दर्ज ही नहीं हुई, इसलिए उसे वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता। यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उनके और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले छात्रों को उन्होंने माफ कर दिया है। उन्होंने कहा था कि युवाओं को दंडित करने के बजाय उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देना अधिक उचित है।
वरिष्ठ पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान टिप्पणियों को लेकर दिल्ली में किसी भी नाबालिग के खिलाफ अलग से कोई नियमित प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। फिलहाल नोएडा पुलिस की ओर से भेजी गई जीरो एफआईआर के आधार पर दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इन धाराओं में दर्ज की थी जीरो एफआईआर
23 जुलाई को हुए प्रदर्शन के संबंध में 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत मामला दर्ज किया है। अब इस मामले की आगे की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है।
नाबालिग ने वीडियो पोस्ट कर मांगी थी मांफी
पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाली नाबालिग लड़की ने वीडियो पोस्ट कर मांफी मांगी थी। उसने वीडियो में खुद के नाबालिग होने की बात कही। वीडियो में उन्होंने कहा, "मैं अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस गई थी, जहां प्रदर्शन चल रहा था। वहां कई समूह प्रधानमंत्री मोदी को गालियां दे रहे थे। मैं उनके प्रभाव में आ गई और मैंने भी कई अनुचित बातें कह दीं। मैं केवल 15 साल की हूं। मैंने जो किया, वह माफी के लायक नहीं था।"
उन्होंने आगे कहा, "यह मेरी पहली और आखिरी गलती है। मैं भविष्य में कभी भी इस तरह की बात नहीं कहूंगी और न ही कुछ पोस्ट करूंगी। मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं। मुझे अपने किए पर गहरा शर्मिंदगी है और मैं किसी की आंखों में नहीं देख पा रही हूं। कृपया मुझे माफ कर दीजिए।"
पीएम मोदी ने किया माफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात इंस्टाग्राम लाइव के जरिए देशवासियों, खासकर युवाओं और जेन-जी को संबोधित किया। जंतर-मंतर की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहे गए, लेकिन वह उन बच्चों को सजा नहीं, बल्कि माफी और सही मार्गदर्शन देना चाहते हैं। उन्होंने समाज से भी अपील की कि गुमराह युवाओं को सही रास्ता दिखाने में साथ दें।