कासिम ने बताया था असीम का नाम
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस टीम ने कासिम के भाई असीम को उससे लम्बी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। दरअसल कासिम से पूछताछ के दौरान जासूसी करने के आरोप में उसके भाई असीम का नाम सामने आया था। कासिम ने पूछताछ में बताया था कि जब वह पाकिस्तान गया था तो वहां पर आईएसआई के हैंडलर्स ने उससे कहा गया था कि तुम्हारा भाई तो पहले से हमारे लिए काम करता है तुम भी हमारे लिए काम करो।
कासिम है मौलवी
असीम से शुरूआती पूछताछ में पता चला है कि वह पिछले तकरीबन 4-5 साल से पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था। उसने काफी फोटो पाकिस्तान भेजे हैं। स्पेशल सेल ने अब असीम के फोन के डेटा को रिट्रीव कराने के लिए फोरेंसिंक लैब में भेजा है ताकि, असीम की व्हाट्सएप चैट और डेटा निकाला जा सके। साथ ही ये पता लगाया जा सके कि असीम ने पाकिस्तान में अपने हैंडलर को क्या-क्या जानकारी भेजी थी? आईएसआई के लोगों ने असीम के जरिए ही कासिम को अपने जाल में फंसाया था। कासिम मौलवी है इसलिए कहा गया कि वो जासूसी करेगा तो किसी को शक नहीं होगा।
वीजा नहीं लगा था
इस मामले ने तब अहम मोड़ ले लिया जब कासिम के तीन भाई हसीन, इश्तियाक और अफजल मौलाना 23 मई को शुरुआती पूछताछ के बाद अपने गांव से गायब हो गए। सबसे बड़े भाई हसीन ने पहले भी पाकिस्तान में इसी तरह की ट्रेनिंग ली थी, लेकिन वीजा संबंधी मुश्किलों के कारण वह इसे जारी नहीं रख पाया। इसके कारण उसने कासिम को इस ऑपरेशन के लिए भर्ती किया। स्पेशल सेल ने लापता भाइयों की तलाश में शुक्रवार को गंगोरा और आसपास के गांवों में छापेमारी की।