करीब दो दशक से यूपी में चल रही गैंगवार में शामिल अनिल दुजाना-रणदीप भाटी गैंग के एक बड़े गैंगस्टर को पकड़ने में दिल्ली पुलिस को कामयाबी मिली है। शाहदरा जिला स्पेशल स्टाफ ने अनिल दुजाना गैंग के बदमाश सचिन उर्फ अमित कसाना (37) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक पिस्टल व 11 कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, अमित कसाना की गाजियाबाद के गैंगस्टर सुंदर भाटी गैंग से वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। दोनों ओर से कई हत्याएं भी हो चुकी हैं।
अमित की गिरफ्तारी पर यूपी पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसके खिलाफ हत्या, जबरन वसूली, हत्या के प्रयास व बलवा करने के 23 से अधिक मामले दर्ज हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को यूपी पुलिस की एसटीएफ ने मुठभेड़ के बाद अमित कसाना के साथी मनोज नंगला को गिरफ्तार कर लिया था।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा ने बताया कि बुधवार को स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात गैंगस्टर अमित कसाना जिले में आना वाला है। इसके बाद तत्काल इंस्पेक्टर जीत सिंह, एसआई पवन मलिक आदि की टीम बनाकर गांधी नगर के श्याम पार्क के पास छानबीन शुरू कर दी गई। सुबह 11 बजे स्कूटी सवार अमित को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखते ही उसने पिस्टल निकाल ली, लेकिन हवलदार प्रवीन ने फौरन उसे काबू कर पिस्टल छीन ली। पूछताछ में आरोपी अमित ने बताया कि फिलहाल दादरी, गौतमबुद्ध नगर थाना पुलिस टीम को उसकी तलाश थी। उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित था।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्रांतर्गत रिस्तल गांव निवासी अमित गैंगस्टर नरेश भाटी का भांजा है। नरेश गौतमबुद्ध नगर का जिला पंचायत अध्यक्ष था। गाजियाबाद के गैंगस्टर सुंदर भाटी से नरेश की गैंगवार चलती रहती थी। सुंदर ने नरेश की हत्या कर दी, जिसके बाद वह जेल भी चला गया। 2011 में सुंदर भाटी की भांजी की शादी में अमित कसाना ने अपने गैंग के बदमाशों के साथ मिलकर एके-47 से हमला किया। वारदात में चार लोगों की हत्या हुई। हमले में सुंदर भाटी बच गया। हमले के बाद अमित की गिरफ्तारी भी हुई थी, लेकिन वह बाद में जेल से बाहर निकल गया। इसके बाद से दोनों के बीच गैंगवार जारी है।