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दिल्ली पुलिस ने शशि थरूर की याचिका पर दिल्ली हाईकोई में दाखिल किया जवाब 

Thu, 16 Jul 2020 06:46 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • सुनंदा पुष्कर के ट्वीट केस का हिस्सा नहीं, ट्वीट के भरोसा नहीं रह सकती पुलिस
  • दिल्ली पुलिस ने शशि थरूर की याचिका पर दिल्ली हाईकोई में दाखिल किया जवाब
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सुनंदा पुष्कर-शशि थरूर (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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सुनंदा पुष्कर मौत मामले में दिल्ली पुलिस ने बुधावार को हाईकोर्ट से कहा कि पुलिस ने मृतक सुनंदा पुष्कर के ट्वीट को नहीं देखा और ना ही इस मामले में पुलिस उनके ट्वीट के भरोसे है। इसके साथ ही पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में सुनंदा के पति कांगे्रस सांसद शशि थरूर एकमात्र आरोपी हैं।
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न्यायमूर्ति मनोज ओहरी के समक्ष पुलिस अपने जवाब में यह जवाब दिया। इस बीच पुलिस ने कहा कि सुनंदा पुष्कर का ट्वीट रिकॉर्ड या मामले में दाखिल आरोपपत्र का हिस्सा नहीं हैं। इसके साथ ही पुलिस ने कहा कि अगर शशि थरूर उनके ट्वीट पर भरोसा करना चाहते हैं तो वह सार्वजनिक मंच पर उनलब्ध है और वह उन्हें देख सकते हैं।

इस दौरान थरूर के वकील विकास पाहवा ने कहा कि ट्वीट निचली अदालत में पेश इलेक्ट्रॉनिक सबूत का हिस्सा हैं, जो लैपटॉप और मोबाइल के रूप में जमा किए गए थे। उन्होंने कहा कि थरूर उन उपकरणों के जरिए सुनंदा के ट्विटर अकाउंट को देखना चाहते हैं और मौत से पहले किए ट्वीट को निचली अदालत को दिखाना चाहते हैं, ताकि उस समय की उनकी मनोस्थिति के बारे में बताया जा सके। 
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इस दौरान थरूर ने अदालत से आग्रह किया है कि वह दिल्ली पुलिस को निर्देश दे कि 2014 में मौत से पहले सुनंदा पुष्कर के ट्विटर अकाउंट और ट्वीट को सुरक्षित रखें।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दिल्ली पुलिस को शशि थरूर द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर तक के लिए टाल दी।

उल्लेखनीय है कि 51 वर्षीय सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दक्षिण दिल्ली के चाणक्यापुरी स्थित लीला होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं। दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-498 ए (पति या उसके रिश्तेदार द्वारा अत्याचार) और धारा-306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री थरूर को आरोपी बनाया है। आरोप साबित होने पर मामले में क्रमशरू तीन साल और 10 साल की सजा हो सकती है।
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