दिल्ली पुलिस की सिपाही भर्ती की 24 मई को हुई परीक्षा का पर्चा फरीदाबाद स्थित प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। पुलिस ने पेपर लीक करने वाले आरोपी समेत दो को सोमवार को गिरफ्तार किया।
पर्चा लीक मामले में अब तक कुल 27 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस ने अलग-अलग राज्यों के पर्चा लीक करवाने वाले चार मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। हर मॉड्यूल का काम अलग-अलग था।
अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव के अनुसार दिल्ली पुलिस की प्रथम बटालियन में तैनात सिपाही सावरमल यादव 24 मई को ग्रामीण सेवा से ड्यूटी जा रहा था। उसने देखा कि सोनीपत निवासी मोनू किसी को मोबाइल पर प्रश्न का उत्तर बता रहा है। सिपाही ने मोनू से इस बारे में पूछा तो मोनू आंसर स्लिप को चबा गया।
MMS के जरिए लीक कराते थे पर्चा
सावरमल ने उसे पकड़ लिया। उसके कब्जे से एक और स्लिप मिली। सावरमल ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी और मोनू को पीटीसी, वजीराबाद ले गया। पीटीसी में जब मोनू की स्लिप के उत्तरों को सिपाही की परीक्षा के प्रश्न पत्र के उत्तरों से मिलाया तो सभी उत्तर मिल गए।
मामले की तफ्तीश दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। पुलिस ने नजफगढ़ के सुरेंद्र तेहलन को उत्तर पुस्तिका के साथ पकड़ लिया। पुलिस को तफ्तीश में पता लगा कि सिपाही की परीक्षा का पेपर लीक करवाने वाला गिरोह पूरे दिल्ली-एनसीआर में फैला हुआ है।
इस गिरोह के सदस्यों ने पर्चा लीक करने के लिए मल्टी मीडिया मैसेजिंग सिस्टम का प्रयोग किया है। जांच में पता लगा कि दिल्ली-एनसीआर मॉड्यूल के तीन भाग नजफगढ़, सोनीपत/रोहतक और रोहतक हैं।
कुछ यूं जुड़ती गई कड़ी दर कड़ी
यूपी व बिहार मॉड्यूल के गिरफ्तार आरोपी
पर्चा लीक मामले में यूपी व बिहार मॉड्यूल भी सामने आया है। दिल्ली पुलिस यूपी मॉड्यूल के चार आरोपी आगरा निवासी दिनेश कपिल, विनय डिंडे, बिहार निवासी राजीव और संजय गिरफ्तार कर चुकी है।
रेवाड़ी मॉड्यूल से तफ्तीश आगे बढ़ी
रेवाड़ी मॉड्यूल के दो सदस्यों झज्जर निवासी अनिल और रेवाड़ी निवासी विजय को गिरफ्तार किया गया था। रेवाड़ी में एक स्कूल के ग्राउंड में प्रश्नपत्र को हल किया जा रहा था। पूछताछ में पता लगा कि बिहार मॉड्यूल प्रमुख है और इस मोड्यूल का एक सदस्य पर्चा लीक मामले का मास्टरमाइंड है।
बिहार मॉड्यूल के कुछ लोग ही रेवाड़ी प्रश्नपत्र को लेकर गए थे। तफ्तीश के बाद इंस्पेक्टर सुरेंद्र संधू की टीम ने बिहार निवासी विकास चंदर को गिरफ्तार कर लिया। विकास ने बताया कि उसे प्रश्नपत्र बिहार निवासी अमर ने दिया था।
जूते में पेपर छिपाकर बाहर लाया था
अपराध शाखा की टीम ने मिंटो रोड के पास घेराबंदी कर 29 सितंबर को अमर को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि फरीदाबाद स्थित प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्नपत्र लीक हुआ था। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की सिपाही परीक्षा के प्रश्न पत्रों की छपाई फरीदाबाद स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस में हुई थी।
अमर ने खुलासा किया कि प्रेस के कर्मचारी गोरखनाथ ने उसे 60-70 हजार रुपये में परीक्षा का प्रश्नपत्र दिया था। पुलिस टीम ने 29 सितंबर को गोरखनाथ को गिरफ्तार कर लिया। गोरखनाथ प्रेस में कटिंग मशीन पर काम करता था। उसने छपाई के दौरान प्रश्नपत्र की एक कॉपी अपने जूतों में छिपा ली थी और बाहर लेकर आ गया था।
तफ्तीश करने वाली पुलिस टीम
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार पर्चा लीक मामले में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक चांद की देखरेख में एसीपी केपीएस मल्होत्रा, इंस्पेक्टर सुरेन्द्र संधू, कुलवीर सिंह, एसआई नीरज, सुनील, ब्रह्मदेव, रितेश, और एएसआई कुलदीप की विशेष टीम बनाई गई थी। टीम ने चार महीने तफ्तीश की थी। इस मामले में अभी और लोग गिरफ्तार किए जा सकते हैं।
अब तक 27 हो चुके गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस पर्चा लीक मामले में अब तक बिहार, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की चार महीने तफ्तीश की गई। आरोपियों के कब्जे से दो लैपटॉप और 28 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार 27 लोगों में से 18 सोनीपत/रोहतक व नजफगढ़ मॉड्यूल के हैं। गिरफ्तार 18 आरोपियों के नाम सोनीपत निवासी मोनू, रवि कुमार, संदीप कुमार, अमित और जितेन्द्र, रोहतक निवासी विकास, करमजीत दहिया, सुरेन्द्रपाल और सुशील, फेतहाबाद हरियाणा निवासी सूबे सिंह, नजफगढ़ निवासी सुरेन्द्र तहलन रविन्द्र मथुरा, डासना निवासी अनिल डागर, नरेला निवासी सुरजीत, बहादुरगढ़ निवासी विक्रम दलाल, झज्जर निवासी प्रवीण कुमार, बापरौला निवासी अमरीश वत्स, जाखोडा निवासी विकास राठी हैं।