एक टीम को लुधियाना भेजा भी गया था। इधर, रविवार को दरवेश ने एक वीडियो और जारी कर दिया। उसमें नवीन की दाढ़ी नहीं दिख रही। स्पेशल सेल की कई टीमें दोनों की तलाश में जुटी थीं। एक टीम ने सूचना के बाद दोनों को सोमवार तड़के हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों का कहना है कि उनका उमर खालिद की हत्या का इरादा नहीं था। सिर्फ आजादी नामक कार्यक्रम में खलल डालना उनका उद्देश्य था। दरवेश मुख्य साजिशकर्ता है। वह उमर के फेसबुक पेज को फॉलो करता है।
आरोपियों ने कुछ लड़कों के साथ मिलकर क्रांतिकारी गोरक्षक दल बना रखा है। आरोपी नवीन का दावा है कि 13 अगस्त को उसने गोली चलाई थी। वह पेशे से पहलवान है। पब में बाउंसर भी रह चुका है।
वीडियो की जांच कर रहे हैं विशेषज्ञ
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उमर खालिद पर हमले के बाद जारी वीडियो की विशेषज्ञ जांच कर रहे हैं कि वीडियो कहां और कब, कैसे और किस आईपी एड्रेस से भेजा गया था। इसके अलावा घटनास्थल से बरामद पिस्टल की बैलेस्टिक विशेषज्ञ जांच कर रहे हैं कि उमर पर हमले वाले दिन गोली चली थी या नहीं। पुलिस अधिकारियों की मानें तो घटनास्थल से पुलिस को कोई भी खोखा बरामद नहीं हुआ था। कुछ लोग गोली चलने का दावा कर रहे थे, जबकि कुछ मना कर रहे थे। ऐसे में पड़ताल की जा रही है।