विभिन्न स्कीमों में निवेश कराकर देशभर में 100 से ज्यादा लोगों से कई करोड़ रुपये ठगने वाला जालसाज पुलिस के हत्थे चढ़ा है। आरोपी लोगों को बेहतर रिटर्न का झांसा देता था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उसे गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। कोर्ट ने आरोपी को भगोड़ा घोषित किया हुआ था।
आरोपी के खिलाफ सीबीआई ने शिमला में भी मामला दर्ज कर रखा है। इस मामले में कोर्ट ने उसे और उसके साथियों को भगोड़ा घोषित किया हुआ है। आरोपियों की कंपनी के खिलाफ दिल्ली व शिमला के अलावा हरिद्वार, सहारनपुर, यूपी, हिमाचल, पंजाब और चंडीगढ़ में मामले दर्ज हैं।
अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार को 6 मई को सूचना मिली थी कि 6 वर्ष से फरार इनामी जालसाज राजदीप मान गुरुग्राम में है। सूचना के बाद इंस्पेक्टर नरेश सोलंकी की देखरेख में इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार, एसआई सम्राट व एसआई उदयवीर की टीम गठित की गई। टीम ने टॉवर-एस, सेक्टर-84, गुरुग्राम, हरियाणा से राजदीप मान (38) को गिरफ्तार कर लिया।
वह नोएडा बेस कंपनी डेविस वैल्यू कार्ड प्राइवेट लिमिटेड का अन्य लोगों के साथ निदेशक था। इन लोगों ने 92 वर्षीय आत्माराम वाधवा से 76 लाख रुपये ठग लिए थे। शिकायत पर अपराध शाखा में वर्ष 2015 में मामला दर्ज किया था। दिल्ली पुलिस ने कंपनी के दूसरे निदेशक सुमित वर्मा को 22 जुलाई, 2016 को गिरफ्तार किया था।