जानकारी के मुताबिक, 31 साल के मनीष कुमार परिवार के साथ चाणक्य प्लेस इलाके में रहते हैं। वह दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं और उनकी तैनाती नई दिल्ली जिला पीसीआर में है। डाबड़ी थाने में दर्ज प्राथमिकी में मनीष ने बताया कि 1 जनवरी तड़के पौने चार बजे वह ड्यूटी खत्म कर घर आए थे। कुछ देर बाद ही गली में शोरगुल सुनकर वह बाहर निकले। उन्होंने देखा कि कुछ युवक एक गार्ड से झगड़ा कर रहे हैं। उन्होेंने वहीं से युवकों को झगड़ा करने से मना किया।
इस पर युवकों ने उनके साथ गाली-गलौज करने लगे। विरोध करते हुए मनीष आरोपियों के पास पहुंचे। आरोपियों ने उनपर हमला कर दिया और लात-घूंसों से उनकी पिटाई कर दी।
हमला में उनके चेहरे और पैर पर गंभीर चोट लगी। जिससे वह घायल हो गए। मारपीट करने के बाद सभी आरोपी वहां से भाग गए। उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी देने के बाद किसी तरह से अपना इलाज करवाने के लिए इंदिरा गांधी अस्पताल पहुंचे।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पुलिस को पता चला कि पीड़ित इलाज करवाने के लिए अस्पताल गए हैं। वहां पहुंचने पर पीड़ित मिले, जिन्होंने बताया कि वह इलाज करवाने के बाद थाने आकर अपनी शिकायत देंगे। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह डाबड़ी थाने पहुंचकर हमलावरों के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।