मिस्बाहुद्दीन व शम्मी हुसैन के पास से बरामद 85.87 लाख रुपये मध्य पूर्वी एशियाई देशों ओमान, कतर, सऊदी अरब आदि से आए थे। वहां पर नौकरी व व्यवसाय करने वाले लोग दिल्ली में लोगों के बैंक खातों में रकम दिनार में जमा करा देते थे।
इसके बाद दोनों आरोपी बैंक खातों के मालिक से रकम लेकर पैसे भेजने वालों के परिजनों तक पहुंचा देते थे। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने ये खुलासा किया है। वहीं, देश की सुरक्षा एजेंसियों व पुलिस को अंदेशा है कि रकम शरारती तत्वों तक पहुंचाई जाती होगी। इसे लेकर खुफिया विभाग, स्पेशल सेल व स्थानीय पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की।
इसके बाद कुछ गड़बड़़ी मिलने से ईडी को भी पूछताछ में शामिल कर लिया गया। दोनों आरोपी कई माह से हवाला का कारोबार कर रहे थे। बकरीद पर आरोपी केरल में घर चले गए थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये रकम किन लोगों ने भेजी है और भारत में किसके पास पहुंचाई जाती थी। पुलिस आतंकी गतिविधियों के कोण से भी मामले की जांच कर रही है।
मैले कपड़े पहनकर रकम पहुंचाते थे
बदमाशों व पुलिस से बचने के लिए आरोपी मैले पकड़े पहनकर हवाला की रकम लेकर जाते थे। इस कारण पकड़े नहीं जाते थे। आरोपियों से तिलक मार्ग थाना पुलिस, खुफिया विभाग व दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की संयुक्त रूप से पूछताछ में ये खुलासा किया है। पुलिस व आयकर विभाग ने दोनों से पैसों को लेकर सबूत मांगे हैं।